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मसूरी। उत्तराखंड के मसूरी में चार छात्राओं के साथ रेप का मामला सामने आया है। घटना यहां के प्रतिष्ठित बोर्डिंग स्कूल की बताई जा रही है। घटना का संज्ञान लेते हुए राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने पुलिस और एजुकेशन डिर्पाटमेंट को पत्र लिखकर मामले में जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही आयोग ने 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
रैगिंग के नाम पर किया रेप
दरअसल, घटना मसूरी के एक बोर्डिंग स्कूल से जुड़ी है। पीड़ित छात्राओं का आरोप है कि एडमिशन के बाद जब वो स्कूल गईं तो सीनियर्स ने न केवल उनकी रैगिंग ली, बल्कि रैगिंग के नाम पर उनके साथ दुष्कर्म भी किया। घटना का खुलासा 6 मई को उस समय हुआ, जब ये चारों छात्राएं दाखिलें के बाद स्कूल पहुंची। जानकारी के अनुसार घटना के बाद बुरी तरह घबराई पीड़ित छात्राएं स्कूल परिसर से भाग कर अपने घर पहुंची और अपने अभिभावकों को आप बीती सुनाई। जैसे ही घरवालों को घटना की जानकारी हुई तो उन्होंने बाल अधिकार संरक्षण आयोग से मामले की शिकायत की।
सुसाइड का प्रयास
परिजनों ने आयोग में शिकायत दर्ज कर बताया कि घटना के बाद छात्राएं बेहद घबराई हुई हैं और मानसिक रूप से काफी आहत हैं। यहां तक कि वो सुसाइड का प्रयास भी कर चुकीं हैं। यह नहीं सुसाइड के प्रयास से पहले छात्राओं ने अपनी मौत का कारण स्कूल में उनके साथ हुए रेप को बताया। शिकायत के साथ ही परिजनों ने आयोग को एक रिकॉर्ड भी सौंपी है। इस रिकॉर्डिंग में छात्राएं स्कूल में घटी घटना की जानकारी दे रही हैं। छात्राओं का यह तक आरोप है कि बाथरूम में कोई दरवाजे नहीं बल्कि पर्दे लगे हैं। उधर, आयोग की सेक्रेटरी कामिनी गुप्ता का कहना है कि मामला एक बेहद प्रतिष्ठित स्कूल से जुड़ा है। इसलिए जांच से पूर्व स्कूल संबंधी किसी तरह की कोई जानकारी नहीं दी जा सकती।
Published on:
20 May 2018 01:12 pm
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