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12 साल पहले प्रसिद्ध डॉक्टर पत्नी ने किडनी देकर पति को बचाया, दमोह में अब उसी पति की देवर के साथ उठी अर्थी

Maihar Road Accident: दमोह की प्रसिद्द गायनो डॉ. श्रद्धा गंगेले ने 12 साल पहले अपनी किडनी देकर पति की जान बचाई थी। अब उसी घर से पति-देवर की एक साथ पति और देवर की अर्थी उठी तो सब के आंसू निकल पड़े।
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दमोह

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Akash Dewani

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Oct 05, 2026

Road Accident famous gynecologist dr shraddha gangele kidney donation husband

Dr. Shraddha Gangele kidney donation: 12 साल पहले प्रसिद्द डॉक्टर ने पति को किडनी देकर बचाई थी जान (फोटो सोर्स- Patrika)

Dr. Shraddha Gangele kidney donation: मध्य प्रदेश के दमोह नेमीनगर प्रोफेसर्स कॉलोनी में उस वक्त माहौल गमगीन हो गया जब प्रसिद्ध गायनो विशेषज्ञ डॉ. श्रद्धा गंगेले (Gynecologist Dr. Shraddha Gangele) के घर एक साथ दो अर्थियां उठीं। श्रद्धा के पति डॉ. संजय गंगेले और देवर प्राचार्य सुधीर गंगेले का गयाजी से वापस आते समय मैहर में हुई सड़क दुर्घटना में दोनों का निधन हो गया। घटना के समय गंगेले परिवार के घर में केवल सुधीर की पत्नी और उनकी बच्ची मौजूद थी। वहीं, डॉ. श्रद्धा ऑफिस के काम से भोपाल गई थीं। दोपहर को जैसे ही सागर के एक रिश्तेदार ने हादसे की खबर दी तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। गंगेले परिवार के दोनों भाइयों ने निधन के बाद पूरा परिवार बिखर गया है। एक परिवार का वंश ही जैसे पूरी तरह समाप्त हो गया है।

एक डॉक्टर, तो दूसरे भाई थे संकुल प्राचार्य

दमोह में डॉ. संजय गंगेले (59) बीड़ी श्रमिक हॉस्पिटल बड़ापुरा में पदस्थ थे। जबकि, बड़े भाई सुधीर गंगेले संकुल प्राचार्य थे, जिनका हाल में बालाकोट पदस्थापना हुई थी। डॉ. संजय की पत्नी डॉ. श्रद्धा गंगेले दमोह जिला अस्पताल में पदस्थ है, जो प्रसिद्ध गायनोलॉजिस्ट है।दोनों की कोई संतान नहीं है। वहीं, सुधीर गंगेले की एक पुत्री है, जिसकी उम्र करीब 15 वर्ष है। गंगेले परिवार में दोनों ही भाई थे। उनके पिता वीरेंद्र गंगेले की निधन के बाद वे ही परिवार के प्रमुख थे। हालांकि, अब उनके निधन के बाद परिवार में कोई भी पुरुष, बालक नहीं रह गया है।

डॉक्टर पत्नी के त्याग की लोग करते रहे चर्चा

इस घटना के बाद डॉ. संजय गंगेले की पत्नी डॉ. श्रद्धा गंगेले के त्याग की चर्चाएं एक बार फिर सामने आईं। लोगों के अनुसार 2013-14 में जब डॉ. संजय गंगेले की तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ गई थी और डॉक्टर ने उनकी किडनियां खराब बताकर हाथ खड़े कर लिए थे, तब उनकी पत्नी डॉ. श्रद्धा गंगेले ने आगे आकर अपने पत्नी को एक किडनी दी थी। इसके बाद ही डॉ. संजय की जान बच सकी थी। इसके बाद से वह लगातार स्वस्थ थे। उनके इस समर्पण को लोग याद करते नजर आए।

लोगों की आंखों में आ गए आंसू

शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात को मैहर के पास हुई दुर्घटना (Maihar Road Accident) के बाद दोनों भाइयों को पीएम के बाद शनिवार शाम करीब 4 बजे दमोह लाए गए। अंत्येष्टि की तैयारी पहले से ही वार्ड के लोगों और रिश्तेदारों द्वारा कर ली गई थीं। एक साथ दोनों भाइयों की चिताएं देखकर लोगों के आंसू भर आए। परिजनों को रोता देख पूरा माहौल गमगीन हो गया। बता दें कि, दोनों भाई अपने पिता के पिंडदान के लिए निजी वाहन से गयाजी गए थे। रात में वापस लौटने के दौरान रीवा-मैहर के बीच उनका वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गयाऔर दोनो भाइयों का निधन हो गया। जबकि ड्राइवर राजा रैकवार को घायल अवस्था में भर्ती कराया गया है।