28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Benefits Of Jamun: जामुन ही नहीं उसकी गुठली के भी हैं अनेकों फायदे, जानिए किन बिमारियों में और कैसे करें इसका सेवन

Benefits of Jamun: जामुन का पका हुआ फल पथरी के रोगियों के लिए रोग निवारक दवा है। पथरी बन भी गई तो इसकी गुठली के चूर्ण का प्रयोग दही के साथ करने से लाभ मिलता है।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Deovrat Singh

•

Updated: 18 Jun 2021, 1:36 PM IST

jamun.jpg

Benefits of Jamun: अप्रेल से जुलाई के महीने तक उपलब्ध रहने वाला फल जामुन किसी औषधि से कम नहीं है। इसके फल, छाल, पत्ते और गुठली भी अपने औषधीय गुणों के कारण विशेष महत्व रखते हैं। यह शीतल, एंटीबायोटिक, रुचिकर, पाचक, पित्त-कफ और रक्त विकारनाशक भी है। प्री मानूसन के महीने में इसका सेवन बेहद लाभदायक है।

Read More: जीवन का आनंद लेना है तो सुबह जल्दी उठने की ऐसे डालें आदत

जामुन का पका हुआ फल पथरी के रोगियों के लिए रोग निवारक दवा है। पथरी बन भी गई तो इसकी गुठली के चूर्ण का प्रयोग दही के साथ करने से लाभ मिलता है। जामुन का लगातार सेवन करने से लीवर में काफी सुधार होता है। कब्ज और उदर रोग में जामुन का सिरका उपयोग करें।

Read More: ऐसे पता करें आपका वजन हाइट के अनुसार सही है या नहीं

मुंह में छाले होने पर जामुन का रस लगाएं। उल्टी होने पर जामुन का रस सेवन करें। भूख नहीं लगने पर जामुन का सेवन लाभदाक होता है। यह पाचक भी है। मुंहासे होने पर जामुन की गुठलियों को सुखाकर पीस लें। इस पावडर में थोड़ा सा गाय का दूध मिलाकर मुंहासों पर रात को लगा लें, सुबह ठंडे पानी से मुंह धोएं लाभ मिलेगा।

Read More: फिट रहने के लिए महिलाओं और पुरुषों को रोज लेनी चाहिए इतनी कैलोरी

मधुमेह के रोगियों के लिए भी जामुन अत्यधिक गुणकारी फल है। जामुन की गुठलियों को सुखाकर पीस लें। इस पावडर को फाकने से मधुमेह में लाभ होता है।

Read More: डिप्रेशन के यह लक्षण नजर आने पर तुरंत करें घरेलू उपाय

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।