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यूपी सरकार नहीं खरीदेगी NCERT की किताबें, जानें आखिर क्यों लिया ये फैसला

उत्तर प्रदेश सरकार NCERT की किताबों को नहीं खरीदेगा। कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में कक्षा 1 और 2 के लिए एनसीईआरटी की किताबों की खरीद का प्रस्ताव रखा गया हालांकि, इसे मंजूरी नहीं मिली। सरकार ने स्थानीय स्तर पर प्रकाशित किताबों के जरिए ही कक्षा 1 और 2 की पढ़ाई कराने का निर्णय लिया है।
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नई दिल्ली

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Rajendra Banjara

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Updated: 11 Mar 2023, 3:44 PM IST

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उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) की ओर से ये फैसला लिया गया है कि नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) की किताबों को नहीं खरीदेगा। कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में कक्षा 1 और 2 के लिए एनसीईआरटी की किताबों की खरीद का प्रस्ताव रखा गया हालांकि, इसे मंजूरी नहीं मिली। सरकार ने स्थानीय स्तर पर प्रकाशित किताबों के जरिए ही कक्षा 1 और 2 की पढ़ाई कराने का निर्णय लिया है। सरकार की ओर से तर्क दिया गया है कि राज्य स्तर पर प्रकाशित किताबों में क्षेत्र के संबंध में अधिक जानकारी रहती है। ऐसे में सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय के साथ-साथ छात्रों को क्षेत्रीय मुद्दों के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए, छात्रों को अपने स्थानीय परिवेश का बुनियादी ज्ञान हो।

NCERT की किताबें नहीं खरीदने का क्यों लिया गया फैसला ?

राज्य स्तर पर प्रकाशित किताबों में क्षेत्र के संबंध में अधिक जानकारी रहती है। ऐसे में सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय के साथ-साथ छात्रों को क्षेत्रीय मुद्दों के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए। मंत्री ने इसे स्पष्ट करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम और पुस्तकें पूरे देश को ध्यान में रखकर तैयार की जाती हैं। जब राज्य की बात आती है, तो यह उचित होगा कि पहली और दूसरी कक्षा के छात्र को अपने राज्य और जिले के बारे में भी जानकारी जरूरी है।

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माध्यमिक शिक्षा में एनसीईआरटी पैटर्न-


राज्य के स्कूलों में पहले से ही एनसीईआरटी की किताबों का इस्तेमाल हो रहा है और एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मुताबिक कैबिनेट की बैठक में रखे गए प्रस्ताव में पहली और दूसरी कक्षा में एनसीईआरटी की किताबें शुरू करने की बात कही गई है. हालांकि नया सत्र शुरू होने में महज एक माह का समय बचा है। अत: विद्यार्थियों को समय पर पुस्तकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य में पुस्तकों की छपाई जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

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