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आशा भोसले की मौत के बाद नौकरानी के छलके आंसू, 40 साल तक घर काम करने वाली ने गायिका को लेकर कही ये बात

Asha Bhosle Death News: दिग्गज गायिका आशा भोसले की मौत के बाद उनके घर पर काम करने वाले स्टाफ ने उनके व्यक्तित्व को लेकर अहम खुलासे किए हैं।
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मुंबई

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Himanshu Soni

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Updated: 12 Apr 2026, 8:49 PM IST

Asha Bhosle Death News

Asha Bhosle Death News (सोर्स- एक्स)

Asha Bhosle Death News: सुरों की दुनिया को अपनी अनमोल आवाज से दशकों तक समृद्ध करने वाली महान गायिका आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं। 12 अप्रैल 2026 को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनके निधन की खबर ने न सिर्फ फिल्मी जगत बल्कि उनके निजी जीवन से जुड़े लोगों को भी गहरे शोक में डुबो दिया। उनके जाने से संगीत जगत ने एक ऐसा स्वर खो दिया है, जिसने पीढ़ियों को जोड़ा और भावनाओं को आवाज दी।

आशा भोसले के व्यक्तित्व पर बोलीं स्टाफ

आशा भोसले का व्यक्तित्व केवल एक महान गायिका तक सीमित नहीं था, बल्कि वो अपने व्यवहार और मानवीय संवेदनाओं के कारण भी लोगों के दिलों में खास स्थान रखती थीं। उनके साथ वर्षों तक काम करने वाले घरेलू स्टाफ और सहयोगियों ने उनके स्वभाव से जुड़ी कई भावुक यादें साझा की हैं, जो उनके सरल और स्नेही व्यक्तित्व को उजागर करती हैं।

40 साल तक काम करने वालीं ने की बात

करीब चार दशक तक उनके घर में कार्यरत रहीं सुनाम साल्वे ने उन्हें एक ऐसी मालकिन बताया, जिन्होंने हमेशा अपने आसपास काम करने वाले लोगों को सम्मान दिया। उनका कहना था कि आशा जी का व्यवहार कभी औपचारिक नहीं लगा, बल्कि परिवार जैसा अपनापन महसूस होता था। वे हर परिस्थिति में अपने कर्मचारियों की जरूरतों का ध्यान रखती थीं और कभी किसी को छुट्टी देने से मना नहीं करती थीं। यही कारण है कि उनके साथ जुड़े लोग आज भी उन्हें सिर्फ एक कलाकार नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य मानते हैं।

काफी दयालु और स्नेही थीं आशा

इसी तरह मंगेशकर परिवार से लंबे समय तक जुड़ी रहीं पुष्पा नवार ने भी आशा जी को बेहद दयालु और स्नेही बताया। उन्होंने कहा कि परिवार के साथ रहते हुए उन्हें हमेशा अपनापन महसूस हुआ और आशा जी का व्यवहार बेहद आत्मीय था। उनके अनुसार यह क्षति केवल संगीत जगत की नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की व्यक्तिगत क्षति है जो उन्हें करीब से जानते थे।

छुट्टी के लिए कभी मना नहीं करती थीं आशा

परिवार से जुड़े एक दूसरे सदस्य ने भी इस खबर को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि मंगेशकर परिवार हमेशा से देश की सांस्कृतिक धरोहर रहा है और आशा जी का योगदान उसमें अमूल्य है। उनका स्वभाव इतना सहज था कि उनके साथ समय बिताने वाले लोग खुद को परिवार का हिस्सा महसूस करते थे।

आशा भोसले की पहचान भले ही उनकी मधुर आवाज और शानदार संगीत यात्रा से जुड़ी रही हो, लेकिन उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी उनका मानवीय व्यवहार था। उन्होंने अपने आसपास के लोगों को हमेशा सम्मान और स्नेह दिया, जिसकी यादें आज उनके जाने के बाद और भी गहरी हो गई हैं।

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