
सुनीता आहूजा और गोविंदा (फोटो सोर्स- IMDb)
Govinda-Sunita Ahuja Controversy: बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा की निजी जिंदगी से जुड़ा एक बेहद भावुक अध्याय एक बार फिर चर्चा में है। अक्सर अपनी फिल्मों, डांस और कॉमिक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले गोविंदा की जिंदगी में एक ऐसा दौर भी आया था, जब उन्हें अपने नवजात बच्चे को खोने का असहनीय दुख झेलना पड़ा। शादी के कुछ साल बाद परिवार में आई इस त्रासदी ने दोनों को भीतर तक तोड़ दिया था।
गोविंदा और सुनीता ने 1987 में शादी की थी। इसके बाद उनके घर बेटी टीना का जन्म हुआ। परिवार में खुशियों का माहौल था, लेकिन कुछ समय बाद जिंदगी ने इस दंपती को ऐसा सदमा दिया, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकी। टीना के बाद सुनीता ने एक और बेटी को जन्म दिया, लेकिन बच्ची समय से पहले पैदा हुई थी।
प्रीमैच्योर जन्म की वजह से बच्ची के फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं हो पाए थे। महज तीन महीने की उम्र में उसकी मौत हो गई। एक माता-पिता के लिए यह क्षण कितना कठिन रहा होगा, इसका अंदाजा गोविंदा के वर्षों पुराने उस बयान से लगाया जा सकता है, जिसमें उन्होंने अपनी बेटी को खोने के दर्द को याद किया था।
बेटी की मौत के बाद अंतिम संस्कार से जुड़ी जिम्मेदारी गोविंदा को खुद निभानी पड़ी। अभिनेता ने एक पुराने वीडियो में बताया था कि नवरात्रि के दौरान वह अपनी बच्ची के पार्थिव शरीर को लेकर नर्मदा नदी की ओर गए थे। यह सफर उनके लिए जिंदगी के सबसे भारी सफरों में से एक था।
इसी दौरान रास्ते में उनकी नजर एक ऐसी महिला पर पड़ी, जो खुद अपने बच्चे को लेकर भीख मांग रही थी। जब उस महिला की नजर गोविंदा की गोद में मौजूद मृत बच्ची पर पड़ी तो वह वहां से दूर चली गई। इस घटना ने अभिनेता को जिंदगी की वास्तविकता के बारे में गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया। गोविंदा ने महसूस किया कि शोहरत, पैसा और स्टारडम इंसान को हर दुख से नहीं बचा सकते। कई बार परिस्थितियां ऐसे लोगों के सामने भी खड़ा कर देती हैं, जिन्हें दुनिया बेहद ताकतवर और कामयाब मानती है।
इस हादसे का असर केवल उस समय तक सीमित नहीं रहा। कई साल बाद जब परिवार में बेटे यशवर्धन का जन्म हुआ, तब सुनीता के मन में पहले खो चुकी बेटी की याद और डर दोनों मौजूद थे। टीना और यशवर्धन के बीच उम्र का अच्छा-खासा अंतर रहा। सुनीता ने बाद में एक बातचीत में बताया कि बेटी को खोने के बाद वो यशवर्धन को लेकर बेहद सतर्क हो गई थीं। उन्हें हमेशा डर रहता था कि कहीं उनके साथ फिर कोई अनहोनी न हो जाए। इसी वजह से उन्होंने बेटे की परवरिश बहुत ज्यादा सुरक्षा और प्यार के साथ की।
गोविंदा और सुनीता के लिए बेटी को खोने का दर्द भले ही पुराना हो चुका है, लेकिन ऐसी घटनाएं जिंदगी में कभी पूरी तरह पीछे नहीं छूटतीं। इस त्रासदी ने इस स्टार दंपती की सोच और परिवार के प्रति उनके नजरिए को हमेशा के लिए बदल दिया।
Updated on:
18 Aug 2026 11:55 am
Published on:
18 Aug 2026 11:55 am
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