
नानापाटेकर की फिल्म परिंदा के एक सीन की फोटो। (फोटो सोर्स: IMDb)
Nana Patekar Parinda Hollywood Remake: भारतीय सिनेमा पर सालों से हॉलीवुड फिल्मों की कॉपी करने के आरोप लगते रहे हैं। ऐसी फिल्मों की लिस्ट बहुत लम्बी है। हालांकि, इसका उल्टा बहुत कम हुआ है कि हॉलीवुड ने भी कुछ बॉलीवुड फिल्मों के रीमेक बनाई गई हैं। इन गिनी-चुनी हिंदी फिल्मों में नाना पाटेकर की क्लासिक फिल्म 'परिंदा' का नाम भी है। नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके करियर की इस खास फिल्म की एक बार फि से चर्चा हो रही है।
नाना पाटेकर की इस फिल्म ने उनको उनका पहला नेशनल फिल्म अवॉर्ड दिलाया था। 80 के दशक की इस फिल्म का रिलीज के 24 साल बाद हॉलीवुड में रीमेक बनाया गया था। 1989 में विधु विनोद चोपड़ा ने 'परिंदा' बनाई। इसे अक्सर उन शुरुआती बॉलीवुड फिल्मों में से एक माना जाता है जिन्होंने अंडरवर्ल्ड और गैंगस्टर्स को असलियत के करीब दिखाने का एक नया तरीका पेश किया। फिल्म में अनिल कपूर और जैकी श्रॉफ ने भाइयों की भूमिका निभाई थी, जो अन्ना (नाना पाटेकर) एक खूंखार डॉन के लिए काम करते थे और उसी के साथ रहते थे। माधुरी दीक्षित अभिनीत यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही फिल्म का गाना 'तुमसे मिलके' जिसे सुरेश वाडकर और आशा भोसले ने गया था, उस दौर में चार्ट में टॉप पर रहा था।
फिल्म को क्रिटिक्स द्वारा खूब सराहा गया था। और साल 'परिंदा' ने दो नेशनल फिल्म अवॉर्ड और पांच फिल्मफेयर अवॉर्ड्स जीते थे. इतना ही नहीं साल 1990 में इस 'बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म' के लिए एकेडमी अवॉर्ड (Oscar) के लिए भारत की ऑफिशियल एंट्री के तौर पर भेजा गया था। बता दें कि नाना पाटेकर ने इस फिल्म के लिए अपना पहला नेशनल अवॉर्ड जीता।
1998 में इस फिल्म का तमिल रीमेक 'आसै थंबी' बना। असली हैरान करने वाली खबर 2012 में आई, जब विधु विनोद चोपड़ा ने इसे हॉलीवुड कलाकारों के साथ अमेरिकी दर्शकों के लिए बनाने का एलान किया। इस रीमेक का नाम था 'ब्रोकन हॉर्सेज़'। फिल्म में एंटन येल्चिन और क्रिस मार्क्वेट दोनों भाइयों की भूमिका में थे। अन्ना का किरदार, जिसका नाम यहां जूलियस हेंच था, विंसेंट डी'ओनोफ्रियो ने निभाया।
'ब्रोकन हॉर्सेज' में बड़े-बड़े रैंच, काउबॉय और गोलीबारी के साथ अमेरिकी वेस्टर्न फिल्मों की झलक दिखाई गई थी। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी क्लिंट ईस्टवुड की फिल्मों से जुड़े टॉम स्टर्न ने की थी, जबकि ऑस्कर-नामांकित जॉन डेबनी ने इसका संगीत दिया था। रिलायंस एंटरटेनमेंट और फॉक्स स्टार स्टूडियोज ने फिल्म को बनाया और दुनियाभर में रिलीज किया। करीब ढाई घंटे लंबी 'परिंदा' के मुकाबले 'ब्रोकन हॉर्सेज' सिर्फ 1 घंटा 41 मिनट की थी।
इस फिल्म की सबसे बड़ी कास्टिंग विंसेंट डी'ओनोफ्रियो रहे। उस वक्त तक वे 'डेयरडेविल' सीरीज में किंगपिन बनने से दो साल दूर थे, लेकिन 'फुल मेटल जैकेट', 'मेन इन ब्लैक' और 'द सेल' जैसी फिल्मों से अपनी पहचान बना चुके थे। 'लॉ एंड ऑर्डर: क्रिमिनल इंटेंट' में भी वे 10 साल तक नजर आए। एंटन येल्चिन भी तब सिर्फ 24 साल के थे, पर 'स्टार ट्रेक' रीबूट और 'टर्मिनेटर सैल्वेशन' में दिख चुके थे।
बड़ी स्टारकास्ट और अच्छी टीम के बावजूद फिल्म नहीं चली। आलोचकों ने इसे 'ओवररॉट' यानी जरूरत से ज़्यादा भावुक बताया, और रॉटन टोमैटोज पर इसकी रेटिंग सिर्फ 26 प्रतिशत रही। करीब 15 मिलियन डॉलर में बनी यह फिल्म भारत में 1 करोड़ रुपये से भी कम और अमेरिका में लगभग 65 हजार डॉलर ही कमा पाई। दुनिया भर में इसकी कमाई 3 लाख डॉलर से कम रही, जो उस साल की किसी मुख्यधारा हॉलीवुड फिल्म के लिए सबसे कम में से एक थी।
Updated on:
08 Oct 2026 02:05 pm
Published on:
08 Oct 2026 01:57 pm
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