आपको सैलरी स्लिप की भी जरूरत पड़ सकती है, क्योंकि हाल में आयकर विभाग ने जो आईटीआर2 जारी किया है। आईटीआई फाइल करते समय कर्मचारी को हाउस रेंट अलाउंस, ट्रांसपोर्ट अलाउंस इत्यादि के बारे में भी जानकारी देनी होती है। ये सभी टैक्सेबल इनकम होती है और इनका ब्योरा सैलरी स्लिप में दिया होता है।