
गाजियाबाद। समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता व राज्यसभा सांसद अमर सिंह के उत्तर प्रदेश विकास परिषद के अध्यक्ष रहते हुए 96.5 लाख रूपये के ऑडियो टेप के मामले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीपक सिंघल ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। लोकायुक्त को भेजे गए जवाब में कहा गया है कि अमर सिंह ने जिस दीपक नामक शख्स के साथ में बातचीत की है वो उनकी आवाज नहीं है। नूतन ठाकुर ने अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके उन्हे बदनाम करने की कोशिश की है।
तीन टेपों को लेकर की गई है लोकायुक्त से शिकायत
डॉ. नूतन ठाकुर ने दीपक सिंघल और अमर सिंह के बीच कथित बातचीत के तीन ऑडियो टेपों को लेकर लोकायुक्त के यहां शिकायत दाखिल की है। नूतन ठाकुर के मुताबिक इन टेपों में शुगर डील, गैस डील, एसईजेड के टेंडर डॉक्यूमेंट, भूमि आवंटन में मनमाफिक बदलाव, आईएएस संजीव शरण के साथ नोएडा और ग्रेटर-नोएडा के प्रोजेक्ट्स में हिस्सेदारी, तत्कालीन मुख्य सचिव पर बाहरी दवाब डलवाने और आरडीए वाले देवेंदर कुमार को 96.5 लाख रुपये पहुंचाने जैसी बातें शामिल हैं।
पांच साल से अधिक पुराने मामले की नहीं हो सकती जांच
कथित टेप मामले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीपक सिंघल ने लोकायुक्त को जवाब भेज दिया है। दरअसल एक्टिविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर द्वारा लोकायुक्त से इस मामले में शिकायत दाखिल की गई थी। दीपक सिंघल ने एक लेटर के जरिए दिए अपने जबाव में बताया है कि उक्त ऑडियो टेप 2006 का है। जबकि लोकायुक्त अधिनियम के मुताबिक लोकायुक्त पांच साल पुराने मामले की ही जांच कर सकते हैं।
अमर सिंह से औपचारिक रूप से होती थी बातचीत
लोकायुक्त को दिए गए जवाब में दीपक सिंघल ने स्पष्ट किया है कि यह प्रकरण जिस समय का बताया जा रहा है, उस समय अमर सिंह उत्तर प्रदेश विकास परिषद के अध्यक्ष थे और परिषद का सचिव होने के नाते वह लगातार अमर सिंह को शासकीय कार्यों से जुड़ी सूचना देते थे, जो किसी प्रकार से अनुचित नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों के एक समूह से मिलीभगत कर नूतन ठाकुर ने उन्हें बदनाम करने की नीयत से इस तरह की आधारहीन और फर्जी शिकायत की है। हालांकि उन्होंने पत्र में किसी अधिकारी का नाम नहीं लिया है। उन्होंने डॉ. नूतन ठाकुर के खिलाफ झूठी शिकायत करने पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की है।
Published on:
05 Mar 2018 03:24 pm
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