
'हैसियत' थी नहीं और पहुंच गए हथियार का लाइसेंस लेने, प्रशासन ने दे डाली ये चेतावनी
नोएडा. यूपी में Arms licence से रोक हटने के बाद जिला कलेक्ट्रेट में हथियार का लाइसेंस लेने के लिए आवेदक पहुंच रहे है। अभी तक जिला प्रशासन को 2 हजार से अधिक लाइसेंस के लिए आवेदन मिल चुके है। लाइसेंसी हथियार लेने वालों की भीड़ में अधिकतर युवा है। योगी सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक लाइसेंस लेने के लिए जरुरी कागजात आवेदन फार्म के साथ लगाने जरुरी है, लेकिन आवेदक अधूरे ही आवेदन कर रहे है। ऐसे में आवेदनों को प्रशासन स्वीकार नहीं कर रहा है। यहीं वजह है कि प्रशासन को ऐसे फॉर्म कैंसिल करने पड़ रहे है।
हाईकोर्ट ने कुछ कैटिगरी को छोड़कर साल 2013 में हथियारों के लाइसेंस पर रोक लगा दी थी। 2016 की गाइडलाइंस के तहत शासन ने नए शस्त्र लाइसेंस जारी करने के निर्देश पिछले माह दिए थे। योगी सरकार ने शासनादेश जारी कर व्यापारी, उद्यमी, बैंक संस्थागत, वित्तीय संस्थान,अपराध पीड़ित, विरासत, विभिन्न विभागों के ऐसे कर्मी जो प्रवर्तन में कार्यरत हैं, सैनिक, एमएलए, एमएलसी, एमपी, राज्य, अर्द्धसैनिक, पुलिसकर्मी, राष्ट्रीय व अतरराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज को नए लाइसेंस के लिए वरीयता देने को कहा है।
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साथ ही Pistol, Gun व Revolver आदि का लाइसेंस लेने के लिए जरुरी कागजात लगाने जरुरी है। आवेदकों को 2 पासपोर्ट फोटो, पहचान पत्र, voter ID और पिछले तीन साल की इनकम टैक्स रिटर्न की डिटेंल देनी भी जरुरी है। इसके अलावा पैन कार्ड, आयु और जन्म प्रमाण पत्र देने है। व्यापारियों के लिए GST प्रमाण पत्र की कॉपी आवेदन पत्र के साथ लगानी जरुरी है। इसके अलावा हैसियत प्रमाण पत्र लगाना भी जरुरी है। लेकिन काफी आवेदक हैसियत प्रमाण पत्र नहीं लगा रहे है। ऐसे आवेदनों को जिला प्रशासन अधूरा मान रहा है। जिसकी वजह से आवेदन निरस्त करने पड़ रहे है।
असलहा विभाग के अधिकारी का कहना है कि अभी तक 2 हजार से ज्यादा नए लाइसेंस के लिए आवेदन मिले है। इनमें 1200 से अधिक आवेदकों नेे हैसियत प्रमाण पत्र नहीं लगाया है। ऐसे में ये निरस्त किए जा सकते है, या फिर आवेदक हैसियत प्रमाण पत्र जमा करा सकते है। आवेदक हैसियत प्रमाण पत्र संलग्न करने के साथ सभी कैटागिरी पूरी करता है तो उसके बाद ही आवेदन को स्वीकार किया जाएगा।
ऐसे बनेगा हैसियत प्रमाण पत्र
जमीन के दस्तावेज, संपत्ति की फोटो कॉपी, श्पथ पत्र, खतौनी, आधार कार्ड, पैन कार्ड, टैक्स का नोड्यूज, तहसील की रिपोर्ट, हाउस टैक्स के कागजात लगाने होते है। बाद मेंं जिला कलेक्ट्रेट में सभी फॉर्म के साथ जमा करने होते है। प्रशासन उसके बाद में हैसियत प्रमाण पत्र जारी करता है। हैसियत प्रमाण पत्र के लिए आॅनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
Updated on:
10 Nov 2018 03:22 pm
Published on:
10 Nov 2018 03:22 pm
