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अब बिना ID गरबा में नो एंट्री, पकड़े गए तो खैर नहीं, भाजपा की मंत्री बोलीं- लव जिहाद का गढ़ बन रहे हैं पंडाल

-एमपी में बिना ID Card गरबा में No Entry-संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर की गरबा संस्थानों को नसीहत-लव जिहाद का माध्यम बने हैं गरबा पंडाल- उषा ठाकुर-सभी गरबा आयोजक सतर्क और सजग रहें- मंत्री
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ग्वालियर

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 8 Sep 2022, 1:59 PM IST

News

अब बिना ID गरबा में नो एंट्री, पकड़े गए तो खैर नहीं, भाजपा की मंत्री बोलीं- लव जिहाद का गढ़ बन रहे हैं पंडाल

ग्वालियर. मद्य प्रदेश में अब बिना आईडी कार्ड के नवरात्रि के दिनों में होने वाले गरबा में प्रवेश नहीं मिलेगा। साथ ही, अगर कोई शख्स गरबा आयोजन में बिना आईडी कार्ड के चालाकी पूर्वक एंट्री ले लेता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में इस बार गरबा में शामिल होने वाले लोग आईडी कार्ड लेकर ही आयोजन में पहुंचे। दरअसल, मध्य प्रदेश की संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने नवरात्रि में गरबा कराने वाले संस्थानों को आइडेंटी कार्ड के बिना प्रवेश नहीं देने की नसीहत दी है।


मंत्री ठाकुर ने कहा कि, गरबा पंडाल लव जिहाद का बड़ा माध्यम बन गए हैं। ऐसे में अब सभी गरबा आयोजक सतर्क और सजग रहें। गरबा पांडाल में जो भी आए आइडेंटी कार्ड लेकर ही आए। बिना पहचान की पुष्टि कराए गरबा आयोजन में कोई भी शख्स प्रवेश नहीं कर सकेगा। मंत्री ऊषा ठाकुर ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि, ये सभी के लिए सलाह भी है और नसीहत भी।

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संस्कृति मंत्री की नसीहत

आपको बता दें कि, नवरात्रि से पहले संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ग्वालियर पहुंची हैं। यहां उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए नियम न मानने वाले को चेतवनी भी दी है। मंत्री ठाकुर ने कहा कि, इस व्यवस्था को प्रभावी करने के पीछे उद्देश्य ये है कि, ये गरबा पंडाल लव जिहाद का बड़ा माध्यम बन चुके हैं। इसलिए सभी प्रदेश के सभी गरबा आयोजक सतर्क और सजग रहें। अब गरबा पांडाल में जो भी आए आइडेंटी कार्ड अपने साथ लेकर आए। बिना पहचान दिखाए गरबा में एंट्री नहीं मिल सकेगी। ठाकुर ने कहा कि, हमारे लोग और सहयोगी संगठन तो जागरूक हैं। इसलिए अब जरूरी है कि, कोई भी व्यक्ति अपनी पहचान छुपाकर गरबा पांडाल में एंट्री लेने की गलती न करे।

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मंत्री के बयान को मिला समर्थन

संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर की इस नसीहत को हिन्दू संगठन संस्कृति बचाओ मंच का समर्थन भी मिल गया है। चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि, गरबा एंट्री से पहले पंचगव्य पिलाना चाहिए, जिससे आत्मा की शुद्धि हो सके। जो पंचगव्य नहीं पी सकता, वो हमारे धर्म का हो ही नहीं सकता। क्योंकि, गरबा मां की आस्था का केंद्र है। वहां दूसरे धर्म वालों का क्या काम। आज गरबा का व्यवसायीकरण हो चुका है। गरबा केंद्रों में बस आजकल अश्लीलता और फूहड़ता होती है। पंडाल के बाहर लड़के-लड़कियां कपल एंट्री का इंतेज़ार करते हैं। इसी वजह से लड़कियां मुस्लिम लड़कों के साथ चली जाती हैं। बाद में ये लड़के लड़कियों के साथ ग़लत काम कर देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि, जिस तरह संस्कृति मंत्री ने आई डी के बिना एंट्री को वर्जित किया है। इसी तरह हम भी वर्षों से वोटर आइडी के साथ ही गरबा में प्रवेश की मांग कर रहे हैं।