विभाग के पास दवाइयां हैं, लेकिन टीके के डोज खत्म हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, जिले में गोवंशीय और भैंसवशीय लगभग 1 लाख 75 हजार हैं। पिछले दिनों पशु विभाग की टीम ने जिले के 100 गांवों में पशुओं की जांच की थी, जिसमें 550 मवेशी लंपी वायरस से ग्रस्त मिले थे, जिनका इलाज शुरू करने पर कुछ स्वस्थ हो गए हैं, लेकिन देरी से इलाज शुरू होने वाले मवेशी इलाज के बावजूद ठीक नहीं हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में आने वाले दिनों में पशुओं की मौत की संख्या बढ़ने की आशंका है। जिले में अभी तक लंपी बीमारी से चार मवेशियों की मौत हो चुकी है।