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Acidity Diwali: त्योहारों में गैस, एसिडिटी और अपच से कैसे बचें? मेयो क्लिनिक से जानें बचने के उपाय

Acidity Diwali Cause: त्योहारों में पेट खराब, गैस या एसिडिटी से परेशान हैं? मेयो क्लिनिक जानिए त्योहारों के दौरान खानपान की सही आदतें, घरेलू नुस्खे और वे जरूरी बातें जो आपके पाचन को रखेंगी एकदम फिट।
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भारत

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Nidhi Yadav

•

Updated: 4 Nov 2026, 6:00 PM IST

त्योहारों के पकवान और मिठाइयां खाने से होने वाली गैस, एसिडिटी और अपच से बचने के उपाय और सही खानपान की जानकारी

त्योहारों में तरह-तरह के पकवानों और मिठाइयों का मजा लें, लेकिन सेहत और पाचन का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Chatgpt)

Acidity Diwali Prevention: त्योहारों का मौसम आते ही घरों में रौनक छा जाती है, चारों तरफ पकवानों की खूशबू फैल जाती है। मेहमानों का आना-जाना, मेल-मुलाकातें और एक से बढ़कर एक लाजवाब मिठाइयां, इन सबके चक्कर में सबसे बुरी गत बनती है हमारे पेट की। उल्लास के इस माहौल में हम अक्सर भूल जाते हैं कि हम जरूरत से ज्यादा खाना खा लें तो गैस, एसिडिटी और अपच जैसी दिक्कतें चैन छीन सकती हैं। जब पेट गड़बड़ाता है, तो चेहरे की सारी चमक और त्योहार का मजा फीका पड़ जाता है। आइए जानते हैं कि इस फेस्टिव सीजन में बिना किसी रोक-टोक के हर चीज का मजा लेते हुए अपनी सेहत को कैसे दुरुस्त रखा जाए।

त्योहारों के दौरान ज्यादा खाने, मिठाइयों और तले-भुने पकवानों से पेट क्यों बिगड़ता है?

सेमेलवेइस यूनिवर्सिटी (Semmelweis University) की स्टडी के अनुसार, त्योहारों के सीजन में लगभग 1 तिहाई (33%) लोगों को एसिड रिफ्लक्स और पाचन की समस्या होती है, जिसकी मुख्य वजह देर रात खाना और ज्यादा वसा (Fatty) व मसालेदार चीजें खाना है। थाली में रिफाइंड शुगर, मैदा, डालडा या घी में तली चीजें और भारी-भरकम मिठाइयां होती हैं। जब आप एक साथ बहुत सारा और भारी खाना पेट में खा लेते हैं, तो हमारे पाचन तंत्र (डाइजेस्टिव सिस्टम) को ज्यादा काम करना पड़ता है। नतीजा यह होता है कि जब पेट में जगह नहीं बचती, तो एसिड ऊपर गले की तरफ चढ़ने लगता है जिसे हम एसिडिटी या सीने की जलन कहते हैं।

त्योहारों में एसिडिटी और अपच होने पर शरीर में कौन-से लक्षण दिखाई देते हैं?

प्राइम केयर हेल्थ स्टडी के अनुसार, पेट जब परेशान होता है, तो वह पहले ही चेतावनी देना शुरू कर देता है। इन इशारों को समय पर पहचानना बहुत जरूरी है;

  • सीने में तेज जलन।
  • खट्टी डकारें और मुंह का स्वाद बिगड़ना।
  • पेट का ढोल की तरह फूलना (ब्लोटिंग)।
  • जी मिचलाना।
  • बेवजह सुस्ती और सिरदर्द।

त्योहारों में खाने के साथ क्या खाएं और पिएं?

इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप दावत में मुंह लटकाकर बैठ जाएं। बस थोड़ा सा दिमाग लगाना है और सही चीजें चुननी हैं

  • दिनभर में जी भरकर पानी पिएं।
  • सलाद को प्लेट का हिस्सा बनाएं।
  • गुनगुनी हर्बल चाय पिएं।

त्योहारों में खाना खाने के बाद कौन-सी आदतें अपनाएं, ताकि गैस और अपच से बच सकें?

खाना खाने के तुरंत बाद की जाने वाली कुछ छोटी-छोटी गलतियां पेट खराब करती हैं। इनसे बचना बहुत आसान है;

  • खाने के तुरंत बाद बिस्तर पर न जाएं।
  • खाना खाने के बाद वज्रासन में बैठना न भूलें।
  • थोड़ा टहलने की आदत डालें।
  • बर्फ जैसा ठंडा पानी तुरंत न पिएं।

त्योहारों में पेट दर्द, उल्टी या एसिडिटी की परेशानी बढ़ने पर कब डॉक्टर की सलाह लें?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, अगर ये लक्षण दिखें, तो बिना देर किए डॉक्टर के पास जाएं;

  • पेट का दर्द बहुत ज्यादा तेज हो और घरेलू उपायों से बिल्कुल कम न हो रहा हो।
  • बार-बार उल्टियां होना या उल्टी में खून के हल्के निशान दिखना।
  • सीने का दर्द अगर सिर्फ एसिडिटी न लगकर बाएं हाथ, कंधे या जबड़े की तरफ फैलने लगे।
  • शौच (मल) का रंग बिलकुल काला या अलकतरा जैसा आना।
  • लगातार तेज बुखार के साथ पेट में भयंकर ऐंठन बनी रहना।
डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।