
लंबे समय तक खाली पेट रहने या उपवास करने से सेहत पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह के प्रभाव पड़ सकते हैं- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Chatgpt)
Intermittent Fasting Rules: आजकल वजन घटाने और फिट रहने के लिए भूखे रहना या लंबे समय तक उपवास (Fasting) रखना काफी लोकप्रिय हो गया है। कई लोग इंटरमिटेंट फास्टिंग का सहारा ले रहे हैं, तो कुछ लोग धार्मिक या अन्य कारणों से उपवास रखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि खाली पेट रहने का शरीर पर क्या असर पड़ता है? पबमेड की रिसर्च के अनुसार, सही तरीके से उपवास करने से सेहत को कई फायदे मिल सकते हैं। इससे वजन घटने के साथ-साथ कोलेस्ट्रॉल और इंसुलिन का स्तर बेहतर हो सकता है। हालांकि, अगर इसे सही योजना के बिना या गलत तरीके से किया जाए, तो यह शरीर में कमजोरी, डिहाइड्रेशन और मूड स्विंग्स जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकता है। आइए जानते हैं कि लंबे समय तक खाली पेट रहने से सेहत पर क्या असर पड़ता है और उपवास रखने का सही तरीका क्या है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, इंटरमिटेंट फास्टिंग (अंतरालीय उपवास) में खाने और उपवास करने का एक तय समय होता है। यानी आप दिन या हफ्ते के कुछ समय में खाना खाते हैं और बाकी समय कुछ नहीं खाते या कैलोरी का सेवन कम रखते हैं। इसके कई तरीके हैं, जिनमें खाने और उपवास के समय को अलग-अलग तरह से तय किया जाता है।
पबमेड की रिसर्च में पाया गया है कि नियंत्रित तरीके से उपवास करने से शरीर में कई सकारात्मक बदलाव आते हैं;
अगर बिना किसी योजना के अचानक लंबे समय तक खाली पेट रहा जाए, तो शरीर पर इसके विपरीत प्रभाव भी पड़ सकते हैं;
विशेषज्ञों का कहना है कि उपवास हमेशा शरीर की जरूरतों को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए। इसे सुरक्षित बनाने के लिए इन बातों का ध्यान रखें;
हर किसी के लिए फास्टिंग करना सही नहीं होता। यदि आपको डायबिटीज है, गुर्दे (किडनी) की बीमारी है, आप गर्भवती हैं या बच्चे को दूध पिलाती हैं, तो डॉक्टर की सलाह के बिना उपवास न रखें। इसके अलावा, नियमित दवाएं लेने वाले लोगों को भी बिना चिकित्सीय परामर्श के लंबे समय तक भूखा रहने से बचना चाहिए।
Published on:
12 Oct 2026 11:44 am
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