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पेट पर लगा स्टोमा बैग हमेशा के लिए नहीं, क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें कब संभव है Ostomy Reversal Surgery

Colostomy Reversal: क्या पेट पर लगा ऑस्टोमी या कोलोस्टोमी बैग हमेशा के लिए होता है? जानें क्लीवलैंड और मेयो क्लिनिक के अनुसार ऑस्टोमी रिवर्सल सर्जरी कब संभव है, इसकी प्रक्रिया और रिकवरी के तरीके।
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भारत

•

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Nidhi Yadav

•

Oct 08, 2026

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क्या पेट पर लगा ऑस्टोमी या कोलोस्टोमी बैग हटाया जा सकता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Colostomy Reversal Surgery: किसी गंभीर बीमारी, आंत की चोट या सर्जरी के बाद जब पेट पर स्टोमा (Stoma) यानी मल त्याग के लिए एक छोटा सा रास्ता बनाया जाता है, तो मरीज को पेट पर एक बैग पहनना पड़ता है। इसे ऑस्टोमी या कोलोस्टोमी बैग कहते हैं। कई लोगों को लगता है कि एक बार यह बैग लग गया तो इसे जिंदगी भर पेट पर लगाकर घूमना पड़ेगा। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। ज़्यादातर मामलों में यह बैग सिर्फ कुछ समय के लिए ही लगाया जाता है ताकि आंतों को ठीक होने का मौका मिल सके। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, जब आपकी आंतें पूरी तरह से स्वस्थ और मजबूत हो जाती हैं, तो एक दूसरी सर्जरी के जरिए इस बैग को हटाया जा सकता है। इस प्रक्रिया को ऑस्टोमी रिवर्सल (Ostomy Reversal) या कोलोस्टोमी रिवर्सल कहा जाता है। आइए, समझते हैं कि यह सर्जरी कब संभव होती है और इसकी क्या प्रक्रिया है।

क्या होती है ऑस्टोमी रिवर्सल सर्जरी?

मेयो क्लिनिक की रिपोर्ट के अनुसार, जब पेट से स्टोमा बैग हटाकर शरीर के सामान्य रास्ते से ही मल त्याग की प्रक्रिया को दोबारा शुरू किया जाता है, तो उसे रिवर्सल सर्जरी कहते हैं। पहली सर्जरी के दौरान डॉक्टर आपकी आंत के एक हिस्से को पेट की ऊपरी त्वचा पर लाकर जोड़ देते हैं, जिससे मल सीधे एक बैग में जमा होता है। रिवर्सल सर्जरी में डॉक्टर पेट को दोबारा खोलते हैं या छोटे चीरे लगाते हैं। इसके बाद स्टोमा वाले हिस्से को पेट की बाहरी दीवार से अलग करके आंत के दूसरे हिस्से या मलाशय (Rectum) से वापस जोड़ देते हैं। इसके बाद पेट के घाव को बंद कर दिया जाता है और आपका शरीर पहले की तरह सामान्य रूप से काम करने लगता है।

कब संभव है यह रिवर्सल सर्जरी?

यह सर्जरी कब होगी, यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि मरीज का शरीर कितनी जल्दी रिकवर कर रहा है। क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, पहली सर्जरी के बाद आंतों को ठीक होने में थोड़ा समय लगता है। आमतौर पर पहली सर्जरी के 3 से 6 महीने बाद रिवर्सल सर्जरी की सलाह दी जाती है। कुछ मामलों में अगर मरीज की सेहत अच्छी हो, तो इसे 6 से 12 हफ्ते के भीतर भी किया जा सकता है। अगर मरीज को कैंसर जैसी स्थिति की वजह से केमोथेरेपी या रेडिएशन थेरेपी लेनी पड़ रही है, तो यह सर्जरी थेरेपी पूरी होने के बाद ही की जाती है। मरीज का पोषण स्तर अच्छा होना चाहिए और कोई नया इन्फेक्शन या अंदरूनी सूजन नहीं होनी चाहिए।

सर्जरी से पहले डॉक्टर किन बातों की जांच करते हैं?

हर मरीज की रिवर्सल सर्जरी तुरंत नहीं की जा सकती। मेयो क्लिनिक के अनुसार, डॉक्टर इस सर्जरी से पहले कुछ खास जांच करके यह सुनिश्चित करते हैं कि आपकी आंतें दोबारा जुड़ने के लिए तैयार हैं या नहीं, डॉक्टर देखते हैं कि जिस हिस्से का ऑपरेशन हुआ था, वह पूरी तरह भर चुका है या नहीं। पेट के निचले हिस्से और गुदा (Anus) की मांसपेशियां मल को रोकने में सक्षम हैं या नहीं, इसकी जांच की जाती है। डॉक्टर कुछ स्पेशल एक्स-रे या कंट्रास्ट स्टडीज (जैसे लिक्विड डालकर एक्स-रे करना) करते हैं ताकि यह देखा जा सके कि आंत में कहीं से कोई लीकेज या रुकावट तो नहीं है।

सर्जरी के बाद रिकवरी और खान-पान में ध्यान

रिवर्सल सर्जरी के बाद शरीर को दोबारा पुराने ढर्रे पर लौटने में थोड़ा वक्त लगता है। सर्जरी के बाद मरीज को आमतौर पर 3 से 5 दिन अस्पताल में रहना पड़ सकता है। शुरुआत में पेट की आंतें थोड़ा धीमा काम करती हैं, इसलिए पहले तरल पदार्थ (लिक्विड डाइट) दिए जाते हैं और फिर धीरे-धीरे हल्का खाना शुरू कराया जाता है। शुरुआत के कुछ हफ्तों में मल त्यागने की आदत में बदलाव आ सकता है, जैसे बार-बार पॉटी आना, गैस बनना या पेट में मरोड़ उठना। लेकिन समय के साथ और सही खान-पान से आंतें पूरी तरह से सेट हो जाती हैं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।