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Vitamin D deficiency : दिल पर भारी पड़ती है विटामिन डी की कमी, 40 की उम्र के बाद संभल जाएं नहीं तो

Vitamin D deficiency : आप एकदम सेहतमंद है और आपको किसी भी बीमारी के कोई लक्षण नहीं है लेकिन जब अचानक दिल का दौरा पड़ता है तो सभी अचंभित रह जाते है । जब डॉक्टर क पास पहुंचते है तो डॉक्टरों ने खून की जांच..
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जयपुर

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Manoj Vashisth

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Updated: 11 Oct 2023, 6:14 PM IST

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Vitamin D deficiency : आप एकदम सेहतमंद है और आपको किसी भी बीमारी के कोई लक्षण नहीं है लेकिन जब अचानक दिल का दौरा पड़ता है तो सभी अचंभित रह जाते है । जब डॉक्टर क पास पहुंचते है तो डॉक्टरों ने खून की जांच कराने का परामर्श देते है तो पता चलता है कि विटामिन डी (Vitamin D deficiency) की कमी है। नए अध्ययनों से सामने आया है कि विटामिन डी (Vitamin D deficiency) की कमी से हृदय संबंधी बीमारियां भी हो सकती हैं। आइए जानते हैं कि विटामिन डी (Vitamin D) का हमारे शरीर में क्या महत्व है।

अंग संचालन में अहम
विटामिन डी (Vitamin D)शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को ठीक तरह से संचालित करने में मदद करता है। इसकी कमी से कई गंभीर बीमारियां जैसे डायबिटीज, कोलोन, ब्रेस्ट व प्रोस्टेट कैंसर भी हो सकता है। नई दिल्ली के ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) के सेंटर फोर कम्युनिटी मेडिसिन के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. संजय के राय के अनुसार ‘शरीर को रोजाना कम से कम 75 प्रतिशत विटामिन डी पूरा करने के लिए सूरज की सीधी रोशनी की जरूरत होती है। धूप कम लेने, अस्वस्थ खानपान की वजह से विटामिन डी की कमी हो जाती है।

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ऐसे होती है जांच
कमी को मापने के लिए 25 हाइड्रॉक्सी विटामिन डी ब्लड टेस्ट किया जाता है। यह टेस्ट 40 की उम्र के बाद साल में एक बार कराना चाहिए, लेकिन अगर आपको ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा हो तो 21 साल के बाद ही कराते रहें।

ऐसे करें पूर्ति
जब सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणें त्वचा के संपर्क में आती हैं तो ये शरीर में एब्जोर्ब होकर विटामिन डी (Vitamin D) का निर्माण करती हैं। अगर सप्ताह में दो बार 10-15 मिनट तक शरीर की खुली त्वचा पर सूर्य की अल्ट्रा वायलेट किरणें पड़ती हैं तो शरीर की विटामिन डी (Vitamin D) की 80-90 प्रतिशत तक आवश्यकता पूरी हो जाती है। विटामिन डी के सप्लीमेंट भी लिए जा सकते हैं लेकिन इन्हें लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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सेहत के लिए जरूरी है विटामिन डी Vitamin D is essential for health
हमारी अच्छी सेहत के लिए विटामिन डी बहुत ज्यादा जरूरी है। इसकी कमी होने से आपको कैल्शियम का पूरा फायदा नहीं मिलता है। लेकिन इसकी एक संतुलित मात्रा ही हमें लेनी चाहिए। डॉक्टर्स का कहना है कि हर इंसान के ब्लड में 30 से 70 नैनोग्राम प्रति मिलीलीटर विटामिन डी होनी चाहिए।

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नहीं लेनी चाहिए ओवरडोज

अगर आपको विटामिन डी (vitamin d) की कमी है तो सबसे पहले डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए. और अगर डॉक्टर आपको इसके सप्लीमेंट लेने के लिए कहते हैं तभी आपको ये लेने चाहिएं. लेकिन उतनी ही मात्रा में जितना कि डॉक्टर ने सुझाया है. क्योंकि विटामिन डी की अधिकता आपके लिए घातक साबित हो सकती है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।