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भारत ​के इस गांव के अधिकतर लोग हैं यूट्यूबर, हर महीने कमाते हैं इतने रुपए

आज आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे है जो YouTubers के हब में तब्दील हो चुका है। इस गांव में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग ऑनलाइन वीडियो शेयरिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए कंटेंट तैयार कर रहे हैं। गांव में 15 साल की उम्र से लेकर 85 साल की दादी तक लोग यूट्यूब वीडियो बना रहे हैं।
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नई दिल्ली

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Shaitan Prajapat

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Updated: 1 Oct 2022, 1:18 PM IST

village of india chhattisgarh tulsi

village of india chhattisgarh tulsi

गांव का नाम आते ही दिमाग में एक अलग छवि बन जाती है। क्योंकि गांव का वातावरण बिल्कुल अलग होता है। आज भी गांव में लोग पुराने तौर तरीके से अपना जीवन यापन कर रहे हैं। हालांकि कुछ जगहों पर लोग नए और आधुनिक तरीके से रह रहे हैं। आज आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पर लोगों को ना तो सरकारी नौकरी का लालच है ना ही प्राइवेट जॉब का शौक है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि एक गांव के अधिकतर लोग यूट्यूबर है। इस गांव के लोग ऑनलाइन वीडियो शेयरिंग और सोशल मीडिया के लिए कंटेंट तैयार करते हैं। इसके जरिए यहां के लोग हर महीने मोटी रकम कमा रहे हैं। आइए जानते हैं इस अनोखे गांव के बारे में।


आज हम बात कर रहे है छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में स्थित तुलसी गांव की। तुलसी गांव अपनी खाशियत की वजह सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। इस गांव को यूट्यूब विलेज या यूट्यूब हब के नाम से जाना जाने लगा है। इसकी आबादी करीब 3 हजार है। यहां के अधिकतर लोग यूट्यूबर बनकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से कमाई कर रहे हैं। इनमें से 40 फीसदी लोग यूट्यूब से जुड़े हैं।


तुलसी गांव में यूट्यूबर बनने की शुरुआत दो दोस्तों ने की थी। ज्ञानेंद्र शुक्ला और जय वर्मा ने अपनी नेटवर्क इंजीनियर और टीचर की नौकरी छोड़कर यूट्यूबर बनने का फैसला किया। इसके बाद जल्द ही इसका अनुसरण गांव के अन्य लोग भी करने लगे। आज पूरा तुसली गांव ही इस पेशे में आ गया। ज्ञानेंद्र ने कहा कि वो पहले एसबीआई में नेटवर्क इंजीनियर के तौर पर काम करते थे। ऑफिस में खाली वक्त में वो काफी यूट्यूब देखा करते थे। साल 2011-12 में जब उन्हें यूट्यूब से प्रेरणा मिली तो उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर यूट्यूबर बनने का फैसला किया।


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इस गांव के लोग यूट्यूब, इंस्टाग्राम आदि जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट तैयार करते है। गांव में 15 साल की उम्र से लेकर 85 साल की दादी तक लोग यूट्यूब वीडियो बना रहे हैं। मीडियाई रिपोर्ट के अनुसार, लोग यहां एजुकेशनल और एंटरटेनमेंट से जुड़े वीडियोज बनाते हैं और कुछ चैनल्स के सब्सक्राइबर्स 1 लाख से ऊपर हैं। जय वर्मा ने बताया कि शिक्षक के तौर पर वो पहले जहां 10-12 हजार रुपये ही कमा पाते थे वहीं अब वो यूट्यूब के जरिए महीने में 30-35 हजार रुपये कमाल लेते हैं। लगातार उनकी कमाई में इजाफा हो रहा है।

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