
Akshay Kanti Bam Problems increase : लोकसभा चुनाव 2024 के मतदान से पहले कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा में शामिल हुए इंदौर से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी अक्षय कांति बम की मुश्किलें अब भी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ये कहना गलत नहीं होगा कि अक्षय कांति बम के बीजेपी में जाने के बाद भी मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। बता दें कि कोर्ट ने बंद लिफाफे में पुलिस को उनकी एक पेन ड्राइव भेजी है।
पिछले दिनों देश की राजनीति में उथल-पुथल मचाने वाले कांग्रेस के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी डॉक्टर अक्षय क्रांति बम की मुश्किलें भाजपा में जाने के बाद कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। भाजपा के ही एक नेता ने अक्षय कांति बम के खिलाफ बीपी को शिकायत दर्ज कराई थी, जो अब भी अक्षय बम के गले की हड्डी साबित हो रही है।
मामले को लेकर एडवोकेट कृष्णकांत कुन्हारे ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि अक्षय कांति बम के लॉ कॉलेज इंदौर इंस्टिट्यूट ऑफ लॉ खंडवा रोड स्थित की नेक की रैंकिंग हासिल करने के लिए कॉलेज की वेबसाइट पर 47 फैकल्टी दर्शाई गई हैं, जिसमें से करीब 17 फैकल्टी कॉलेज में काम ही नहीं करती है। हैरानी की बात तो ये है कि, इनमें से रश्मि शुक्ला नाम की एक फैकल्टी की तो वर्ष 2022 में मौत भी हो चुकी है, बावजूद इसके उन्हें भी रेगुलर फैकल्टी के रूप में वेबसाइट पर दर्शाया गया है।
ऐसी ही एक और फैकल्टी है जो मौजूदा समय में इंदौर से बाहर काम कर रही है, लेकिन उन्हें भी कॉलेज ने रेगुलर फेकल्टी के तौर पर दर्शाया हुआ है। ऐसी 17 फैकल्टीज हैं, जिन्हें लेकर शिकायत की गई है। जांच के लिए जिला कोर्ट ने बंद लिफाफे में रखी एक पेन ड्राइव जांच में जुटी पुलिस टीम को सौंपी है। इस पूरे मामले में ईओडबल्यू द्वारा भी शिकायत की गई है।
Updated on:
02 May 2024 04:44 pm
Published on:
02 May 2024 04:44 pm
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