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निशानेबाज नाना पाटेकर का इंदौर कनेक्शन… पद्मश्री शंकर लक्ष्मण के घर बैठकर खाए उपमा-वड़ा पाव

Nana Patekar Indore Connection : इंदौर आते तो पद्मश्री शंकर लक्ष्मण से मिले बिना नहीं लौटते थे दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर।
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Nana Patekar Indore Connection

पद्मश्री शंकर लक्ष्मण के घर भोजन करते नाना पाटेकर (फोटो सोर्स: Patrika)

Indore News : बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का मध्य प्रदेश के इंदौर से रिश्ता सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रहा। अभिनय के साथ वो बेहतरीन निशानेबाज भी रहे हैं और शूटिंग प्रतियोगिताओं के सिलसिले में उनका इंदौर और महू आना हुआ। इससे भी खास बात ये है कि, वे भारतीय हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी पद्मश्री शंकर लक्ष्मण के प्रशंसक थे। जब भी इंदौर आते उनसे मिलने जरूर पहुंचते थे।

शंकर लक्ष्मण के बेटे मनोहर के मुताबिक 1999 में नाना पाटेकर उनके घर पहुंचे थे। करीब 2 घंटे से ज्यादा समय तक उन्होंने शंकर लक्ष्मण के साथ बातचीत की। इस दौरान नाना ने घर पर ही उपमा और वड़ा पाव खाया। बातचीत के दौरान उन्होंने शंकर लक्ष्मण से जुड़ा एक पुराना किस्सा भी सुनाया।

गेट पर रोक दिया तो घड़ी बेचकर खरीदा टिकट

नाना ने उस दिन बताया था कि, वे और उनके पिता शंकर लक्ष्मण के बड़े प्रशंसक थे। एक बार शंकर लक्ष्मण का हॉकी मैच देखने वे पुणे पहुंचे। स्टेडियम के गेट पर उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया। मैच देखने की जिद ऐसी थी कि पिता ने बाहर अपनी घड़ी बेच दी और उससे मिले पैसों से टिकट खरीदा। इसके बाद उन्होंने स्टेडियम में जाकर पूरा मैच देखा। यही जुड़ाव आगे चलकर शंकर लक्ष्मण और नाना पाटेकर की आत्मीयता में बदल गया।

कई शूटिंग प्रतियोगिताओं में भी लिया हिस्सा

नाना पाटेकर का इंदौर से एक और मजबूत कनेक्शन शूटिंग से भी रहा है। साल 2007 में महू में आयोजित 300 मीटर नेशनल बिग बोर शूटिंग चैंपियनशिप में उन्होंने महाराष्ट्र की टीम का हिस्सा बनकर भाग लिया था। प्रतियोगिता में महाराष्ट्री की टीम ने कांस्य पदक हासिल किया था। इसके अलावा उन्होंने इंदौर के सीमा सुरक्षा बल की रेवती रेंज में आयोजित राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया और शानदार प्रदर्शन किया था।

मनोहर के मुताबिक, शूटिंग के सिलसिले में महू आने के दौरान ही नाना की शंकर लक्ष्मण से आखिरी मुलाकात हुई थी। अभिनय की दुनिया में बड़े नाम बनने के बावजूद उनका खेल और खासकर शंकर लक्ष्मण से जुड़ाव हमेशा आत्मीय रहा।