
नकली दूध पनीर दही, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)
Jabalpur news: मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर में रेस्टोरेंट, होटल और ढाबों में लोग बड़ी राशि खर्च कर परिवार के साथ भोजन करते हैं, लेकिन परोसे जा रहे खाद्य पदार्थ मानकों के अनुरूप है या नहीं, इसकी गारंटी नहीं है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की कार्रवाई में दूध, पनीर, दही, आइसक्रीम, चावल और गेहूं सहित कई खाद्य पदार्थों के नमूने अमानक पाए गए है। इन मामलों को अपर कलेक्टर न्यायालय में पेश किया गया। जनवरी से अब तक 115 प्रकरणों में 2 हजार से 2 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया गया है। सभी मामलों में कुल 31.57 लाख रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया गया।
दूध से बने उत्पाद आम लोगों के रोजमर्रा के भोजन का अहम हिस्सा हैं। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की जांच में इन उत्पादों में सबसे अधिक गड़बड़ी सामने आई। होटल और रेस्टोरेंट में पनीर से बनने वाले व्यंजनों की कीमत भी अधिक होती है। अलग-अलग प्रतिष्ठानों से लिए गए पनीर के नमूनों की जांच में कई नमूने अमानक मिले।
जांच में अनाज और मेवों के ऐसे नमूने भी मिले, जो खाद्य मानकों पर खरे नहीं उतरे। अपर कलेक्टर न्यायालय में पहुंचे प्रकरणों में बड़ी संख्या ऐसे प्रतिष्ठानों की भी है, जिन्होंने खाद्य सुरक्षा प्रशासन से आवश्यक पंजीयन नहीं कराया था।
अपर कलेक्टर शहर रविशंकर राय और अपर कलेक्टर ग्रामीण नीता राठौर के न्यायालय से 115 से अधिक प्रकरणों में आदेश पारित हुए हैं। खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अधिकारियों ने ये प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए थे। मदर डेयरी, कन्हैया डेयरी, गुरुवीर डेयरी, उमेश डेयरी, मोनू तिवारी डेयरी, वासू डेयरी और जबलपुर डेयरी सहित कई प्रतिष्ठानों से लिए गए पनीर, दही और दूध के नमूने प्रयोगशाला जांच में अवमानक पाए गए।
होटल ऋषि रेजेंसी की आइसक्रीम अवमानक पाई गई। पेप्सिको इंडिया लिमिटेड के कुरकुरे और डोरिटो उत्पादों पर मिथ्याछाप और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करने पर जुर्माना लगाया गया। खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने पर होटल हिल्टन तथा अवमानक बूंदी लड्डू बेचने पर विशन स्वीट्स पर भी अर्थदंड लगाया गया। अन्य संस्थानों में अलग-अलग अनियमितताएं मिलने पर भी जुर्माना किया गया।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन की ओर से न्यायालय में प्रस्तुत किए गए प्रकरणों का तेजी से निराकरण किया जा रहा है। खाद्य पदार्थों की बिक्री में मानकों का ध्यान रखना सभी के लिए जरूरी है। संस्थानों पर जुर्माने की कार्रवाई की जाती है। लगातार नियमों की अवहेलना करने वाले व्यक्ति पर बड़ा जुर्माना अधिरोपित किया जाता है। -रविशंकर राय, अपर कलेक्टर (शहर)
Updated on:
07 Oct 2026 11:07 am
Published on:
07 Oct 2026 11:07 am
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