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“रसिक दुलारी शरण के साथ गलत किया” प्रेमानंदजी के शिष्य पर चाचा का बड़ा खुलासा

Premanandji Disciple Rasik Dulari Sharan : दीक्षा लेने वालों पर भी प्रभाव पड़ेगा, प्रेमानंदजी के आश्रम ने साधकों के लिए ड्रेस कोड भी किया खत्म; दीपक लोधी की मौत के बाद जबलपुर में सन्नाटा
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शिष्य रसिक दुलारी शरण और प्रेमानंदजी

शिष्य रसिक दुलारी शरण और प्रेमानंदजी- Image Patrika enhanced AI

Premanandji Disciple Rasik Dulari Sharan : वृंदावन में संत प्रेमानंदजी के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध मौत का मामला देशभर में सुर्खियों में है। इस दुखद घटना की न्यायिक जांच की मांग की जा रही है। रसिक दुलारी शरण मामले के बाद प्रेमानंद महाराज के आश्रम की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। इस बीच आश्रम प्रबंधन ने बड़ा फैसला लिया है। अब प्रेमानंदजी न तो कोई नया शिष्य बनाएंगे और न ही अभी किसी को दीक्षा देंगे। इधर जबलपुर के परसवाड़ा-जमतरा गांव में 6 ​दिनों से शोक पसरा है। रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी पटेल यहीं के निवासी थे। वृंदावन में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर मिलने के बाद से ही पूरा परिवार दुखी है। रसिक दुलारी शरण के चाचा रघु पटेल लोधी ने मथुरा पुलिस के दावे पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें किसी मारकर फेंका है। उनके साथ गलत किया गया, उनके साथ धोखा हुआ।

रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में परिजनों ने CBI जांच की मांग की है। मां पिता, भाई बहन सहित सभी परिजनों ने घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं। जबलपुर के परसवाड़ा-जमतरा गांव के उनके अनेक रिश्तेदार भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अभी मामले की जांच मथुरा पुलिस कर रही है।

ताजा घटनाक्रमों के बीच प्रेमानंदजी के आश्रम ने बड़ा फैसला लेते हुए दीक्षा कार्यक्रम पर रोक लगा दी है। आश्रम की साध्वी और साधुओं के लिए लागू ड्रेस कोड भी खत्म कर दिया गया है। इसके लिए बाकायदा निर्देश जारी किए गए हैं। आश्रम की ओर से कहा गया है कि नए भक्तों को दीक्षा देने और शिष्य बनाने की प्रक्रिया अभी रोक दी गई है। दर्शन व्यवस्था भी फिलहाल बंद कर दी गई है।

इधर दीपक लोधी के जबलपुर स्थित पैतृक गांव में शोक के साथ ही परिजन का आक्रोश भी उबल रहा है। उनका साफ कहना है कि सीबीआई जांच के बिना हमें न्याय नहीं मिल सकता। परिजन कह रहे हैं दीपक लोधी बेहद शांत और सुलझे हुए युवक थे। वे कोई गलत या आत्मघाती कदम नहीं उठा सकते। दीपक लोधी के साथ बड़ा धोखा हुआ है। निष्पक्ष जांच से हकीकत सामने आ सकती है।

जांच पर अनेक सवाल

रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी के चाचा रघु पटेल लोधी ने मथुरा पुलिस की थ्यौरी मानने से स्पष्ट इंकार कर दिया है। उन्होंने जांच पर अनेक सवाल उठाए। रघु पटेल लोधी ने कहा कि पूरा गांव दीपक लोधी की समझदारी का कायल था। ऐसा लड़का कभी भी गलत कदम नहीं उठा सकता। चाचा रघु पटेल ने दीपक लोधी के साथ धोखा होने की बात कही। उन्होेंने आरोप लगाया कि किसी ने उसे मारकर फेंक दिया।

एंटीमॉर्टम इंजरी का भी जिक्र

बता दें कि दीपक लोधी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अत्यधिक रक्तस्राव को मौत की वजह बताया गया है। उनके शव के अलग अलग हिस्से मिले थे। कई 'एंटीमॉर्टम इंजरी' (मौत से पहले की चोटों) का भी जिक्र है। इन्हीं आधारों पर परिजन पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।