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AI को दोस्त समझकर पर्सनल बातें शेयर करना पड़ सकता है भारी! साइबर सुरक्षा एजेंसी की बड़ी चेतावनी

AI चैटबॉट्स से बात करते समय उन्हें अपना करीबी दोस्त नहीं समझें। अपनी व्यक्तिगत समस्याएं, परिवारिक बातें, लोकेशन, फोटो या यहां तक कि पासवर्ड जैसी जानकारी नहीं बताएं। ये टूल्स आम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की तरह नहीं हैं। इनसे साझा किया गया डेटा स्टोर हो सकता है, मॉडल ट्रेनिंग में इस्तेमाल हो सकता है या किसी डेटा लीक में सामने आ सकता है।
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जयपुर

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MOHIT SHARMA

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Updated: 24 Oct 2026, 1:52 PM IST

AI Cybersecurity Warning in India (AI Image )

AI Cybersecurity Warning in India (AI Image )

AI को दोस्त समझकर पर्सनल बातें शेयर आपको भारी पड़ सकता है। यह हमारी प्राइवेसी के लिए खतरा पैदा कर सकता है। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने आम लोगों को AI टूल्स के इस्तेमाल को लेकर एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। साइबरदोस्त हैंडल से जारी पोस्ट में साफ कहा गया है कि ChatGPT, Gemini जैसे AI टूल्स को दोस्त समझकर अपनी निजी बातें, फोटो या संवेदनशील जानकारी शेयर करना प्राइवेसी के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

AI को दोस्त मानने का खतरा

बहुत से लोग AI चैटबॉट्स से बात करते समय उन्हें अपना करीबी दोस्त समझने लगते हैं। वे अपनी व्यक्तिगत समस्याएं, परिवारिक बातें, लोकेशन, फोटो या यहां तक कि पासवर्ड जैसी जानकारी भी टाइप कर देते हैं। जबकि ये टूल्स आम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की तरह नहीं हैं। इनसे साझा किया गया डेटा स्टोर हो सकता है, मॉडल ट्रेनिंग में इस्तेमाल हो सकता है या किसी डेटा लीक में सामने आ सकता है। I4C ने स्पष्ट किया है कि यहीं से प्राइवेसी रिस्क शुरू होता है।

इसलिए जरूरी है सावधान रहना

AI टूल्स से बातचीत बहुत कैजुअल लगती है। लोग सोचते हैं कि यह प्राइवेट चैट है, लेकिन असल में यह किसी अज्ञात प्लेटफॉर्म पर जानकारी डालने जैसा है। विशेषज्ञों के अनुसार व्यक्तिगत फोटो अपलोड करना या बैंक डिटेल, OTP, पासवर्ड जैसी चीजें शेयर करना बेहद जोखिम भरा है। एक बार डेटा सिस्टम में चला गया तो उसे पूरी तरह कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए AI को दोस्त की तरह इस्तेमाल न करें।

क्या सावधानियां बरतें?

I4C की सलाह है कि AI से बात करते समय अपनी असली पहचान न बताएं। जरूरत पड़े तो काल्पनिक नाम का इस्तेमाल करें। कोई भी व्यक्तिगत फोटो, दस्तावेज या संवेदनशील जानकारी अपलोड न करें। चैट को हमेशा पब्लिक जगह की तरह समझें। अगर कोई लिंक शेयर करना हो तो पहले जांच लें कि उसे कौन देख सकता है। साइबर अपराध होने पर तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

छोटी लापरवाही बड़े नुकसान का कारण बन सकती है

यह चेतावनी सिर्फ एक पोस्ट नहीं, बल्कि Cyber Safe India अभियान का हिस्सा है। सरकार AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर सुरक्षा को लेकर लोगों को जागरूक कर रही है। छोटी-छोटी लापरवाही बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। डिजिटल दुनिया में सुविधा के साथ सुरक्षा भी जरूरी है। AI का इस्तेमाल समझदारी से करें, तभी यह फायदेमंद साबित होगा।

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