
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के साथ ही पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की महत्वाकांक्षाएं भी परवान चढ़ते दिख रही हैं। विधानसभा चुनाव जीते विधायक जहां अब मंत्री पद को लेकर लॉबिंग में जुटे हैं, तो वहीं इस 'हाई प्रोफ़ाइल' राजनीतिक उम्मीदों से इतर छोटे कार्यकर्ताओं की 'लो प्रोफ़ाइल' उम्मीदें भी कुलांचे मार रही हैं।
ऐसा ही एक रोचक वाक्या राजधानी जयपुर से सामने आया है, जो अब चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल, यहां के एक बूथ अध्यक्ष ने प्रदेश कार्यालय में खुद के नाम की एक कैंटीन खोले जाने को लेकर सार्वजनिक गुहार लगा डाली है। यही नहीं इस गुहार को सीएम भजनलाल से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को वर्चुअल माध्यम से पहुंचाया गया है।
प्रदेश कार्यालय में कैंटीन शुरू करने की सार्वजनिक रूप से चाह जताने वाले भाजपा कार्यकर्ता का नाम बलराम सिंह शेखावत बताया गया है। शेखावत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के ज़रिये ये अदद गुहार लगाई है।
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ये लिखा अपनी गुहार में
कैंटीन की चाह रखने वाले बलराम सिंह ने अपने मैसेज में लिखा, 'आदरणीय, मैं जयपुर के मालवीय नगर विधानसभा वार्ड नंबर 133 भाग संख्या 72 का बीजेपी बूथ अध्यक्ष हूं। मुझे रोजगार के लिए अगर प्रदेश कार्यालय में कैंटीन के लिए छोटी सी जगह मिल जाए तो आपकी मेहरबानी होगी।'
प्रधानमंत्री तक को किया टैग
रोचक बात ये है कि इस अनूठी गुहार के मैसेज के साथ खुद को बूथ अध्यक्ष बताने वाले शख्स ने ना सिर्फ प्रदेश में बैठे पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तक को अपनी बात पहुंचाई है, बल्कि दिल्ली में बैठे राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को टैग करके कैंटीन के लिए जगह दिए जाने की गुहार पहुंचे है।
ग्राहकी नहीं, रोज़गार के लिए परेशान
भाजपा के बूथ अध्यक्ष बलराम सिंह ने बताया कि वे टोंक रोड में एक रेस्टोरेंट संचालित करते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से ग्राहकी नहीं होने से बहुत परेशान हैं। आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के कारण प्रदेश मुख्यालय में कैंटीन के लिए जगह दिए जाने की गुहार लगाई है। हालांकि इसके ज़रिये कमाना उद्देश्य नहीं है, बल्कि पार्टी से जुड़े रहकर उसके लिए सेवा करना है।
बूथ कार्यकर्ता को मिले पहचान
बलराम सिंह ने कहा कि जब भी कोई चुनाव होते हैं तब 'बूथ जीतो, चुनाव जीतो' की मंशा से पार्टी के निर्देश पर बूथ कार्यकर्ता अपना बूथ जिताने के लिए जी-जान से जुट जाता है। लेकिन उसके बाद भी उसे पहचान नहीं मिलती। ऐसे में पार्टी से अपेक्षा है कि इस बार बूथ अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं को भी सुनवाई हो।
Published on:
19 Dec 2023 10:50 am
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