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… तो घनश्याम तिवाड़ी इस्तीफा देकर तोड़ देंगें BJP से सालों पुराना नाता, नई पार्टी सभी 200 सीटों पर लड़ेगी चुनाव

Rajasthan Assembly Election 2018: ... तो घनश्याम तिवाड़ी इस्तीफा देकर तोड़ देंगें BJP से सालों पुराना नाता
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जयपुर

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Nakul Devarshi

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Updated: 24 Jun 2018, 11:45 AM IST

ghanshyam tiwari

जयपुर।

बीजेपी से नाराज चल रहे सांगानेर विधायक घनश्याम तिवाड़ी की भारत वाहिनी पार्टी को आखिरकार केंद्रीय निर्वाचन आयोग से हरी झंडी मिल गई है। केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने भारत वाहिनी पार्टी का बुधवार को विधिवत रूप से पंजीयन कर दिया। घनश्याम तिवाड़ी की इस नई पार्टी के पंजीयन ने राजस्थान में एक नई राजनीति के उभरने की संभावनाओं को खड़ा कर दिया है। घनश्याम तिवाड़ी के बेटे अखिलेश तिवाड़ी भारत वाहिनी पार्टी के अध्यक्ष व संस्थापक हैं।

घनश्याम तिवाड़ी के पुत्र और पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अखिलेश तिवाड़ी ने बताया कि 11 दिसम्बर 2017 को भारत निर्वाचन आयोग को पार्टी के विधिवत पंजीकरण के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था। निर्वाचन आयोग ने भारत के संविधान के लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29 के अधीन समस्त प्रक्रिया को पूरा करते हुए भारत वाहिनी पार्टी के पंजीकरण का कार्य पूरा किया।

निर्वाचन आयोग ने भारत वाहिनी पार्टी के संविधान, दर्शन, लक्ष्य तथा उद्देश्य संगठन के प्रारूप को विस्तार पूर्वक देखकर अपनी मान्यता प्रदान की। निर्वाचन आयोग ने पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश तिवाड़ी तथा महामंत्री अशोक यादव की ओर से 5 जून को आयोग के समक्ष दी गयी प्रस्तुति पर विचार करने के बाद तथा यह ध्यान में रख कर कि समाचार पत्रों में आवेदक दल द्वारा प्रकाशित सार्वजनिक सूचना के जवाब में किसी भी व्यक्ति द्वारा कोई आपत्ति दर्ज नहीं की गयी है। इसके बाद बुधवार को भरत वाहिनी पार्टी को राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत कर लिया।


गौरतलब है कि तिवाड़ी लंबे समय से पार्टी नेतृत्व से नाराज़ चल रहे हैं। वे कई बार सार्वजनिक मंचों तक से पार्टी और उसके नेतृत्व को लेकर टिप्पणियां कर चुके हैं। हालांकि अब तक पार्टी की ओर से उनके खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। अब जब तिवाड़ी ने नए दल का गठन कर ही लिया है तो ये प्रदेश में आगामी चुनाव के दौरान सत्तारूढ़ भाजपा के साथ ही विपक्षी कांग्रेस के लिए भी चुनौती बन सकती है।


... तो तीन जुलाई को तिवाड़ी दे देंगें इस्तीफा
भारत वाहिनी का प्रथम प्रदेश प्रतिनिधि सम्मेलन तीन जुलाई को जयपुर में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में 2000 कार्यकर्ताओं के भाग लेने का दावा किया जा रहा है। इसमें राजस्थान के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से दस प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। वर्तमान में दीनदयाल वाहिनी में काम कर रहे कार्यकर्ताओं तथा पदाधिकारियों को भारत वाहिनी में समारोह पूर्वक शामिल किया जाएगा। राजस्थान के आगामी चुनावों में घनश्याम तिवाड़ी के नेतृत्व में भारत वाहिनी प्रदेश की सभी 200 विधान सभाओं से चुनाव लडऩे का लक्ष्य लेकर काम करेगी। सूत्रों के मुताबिक तीन जुलाई को ही तिवाड़ी भाजपा से इस्तीफा देने की घोषणा भी कर सकते हैं।


भाजपा-कांग्रेस को इसलिए मिल सकती है चुनौती
तिवाड़ी के बेटे अखिलेश तिवाड़ी की अध्यक्षता में बनी भारत वाहिनी पार्टी इस विधानसभा चुनाव में सभी 200 सीटों पर उतारने का मन बना चुकी है। अखिलेश के पिता घनश्याम तिवाड़ी राजस्थान सियासत के दिग्गज माने जाते हैं। फिलहाल वे जयपुर के सांगानेर से एमएलए हैं। इसके अलावा शेखावटी की राजनीति में भी उनकी अच्छी ख़ासी दखल है। वहीं भाजपा से अंदर खाने नाराज चल रहे कुछ पार्टी नेता और विधायकों से भी तिवाड़ी की घनिष्ठता है। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए तिवाडी फैक्टर किसी चुनौती से कम नहीं होगा।

वहीं दूसरी ओर सत्ता में वापसी के सपने संजो रही कांग्रेस पार्टी के लिए भी घनश्याम तिवाड़ी आने वाले चुनावों में मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। भारत वाहिनी पार्टी 200 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी। कुल मिलाकर आने वाला वक्त घनश्याम तिवाड़ी के लिए उनके राजनीतिक जीवन को जिंदा रखने की चुनौतियों से भरा होगा तो वहीं कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टी के लिए सत्ता में वापसी के लिए सबसे बड़ी चुनौती के रूप में घनश्याम तिवाड़ी खड़े होंगे।