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Jaipur : जयपुर के परकोटा क्षेत्र में तीन मंजिले मकान में 2 बड़ी दरारें, एक तरफ झुका, मकान मालिक को नोटिस जारी

Jaipur : जयपुर के परकोटा क्षेत्र में एक बहुत पुराना तीन मंजिला मकान एक तरफ झुक गया। नगर निगम ने मकान मालिक को नोटिस जारी किया है। साथ ही चेतावनी जारी की है।
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jaipur parkota area three storey house big cracks landlord notice Issue

Jaipur : मोहल्ला टिक्कीगरान में मकान में आई दरार को देखते लोग व पुलिस। फोटो पत्रिका

Jaipur : जयपुर परकोटे और आसपास के क्षेत्र में जर्जर मकानों पर समय रहते कार्रवाई नहीं होने का मामला एक बार फिर सामने आया है। जयपुर के परकोटा क्षेत्र में एक बहुत पुराना तीन मंजिला मकान एक तरफ झुक गया। बताया जा रहा है कि इस 30 गज में बने मकान के दो तरफ बड़ी दरारें आ गईं हैं। जिससे यह तीन मंजिला मकान इस बारिश के वक्त में खतरनाक हो गया है। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। इस जर्जर मकान में करीब 40 से अधिक किरायेदार रहते हैं। जिन्हें समझाकर बाहर निकाला गया। यह तीन मंजिला मकान गलतागेट थाना क्षेत्र स्थित ईदगाह मस्जिद के पीछे 5 नीम कब्रिस्तान के पास मोहल्ला टिक्कीगरान में स्थिति है। वहीं नगर निगम को जब इसकी जानकारी हुई तो उसने तत्परता दिखाते हुए मकान मालिक को नोटिस जारी किया है।

तीन मंजिले मकान की मालकिन रेहना सुल्ताना सैयद कॉलोनी में रहती हैं। जब मकान की जर्जर स्थिति के बारे में बताया गया तो उन्होंने कहा स्थिति आपके सामने है। उनका कहना है कि मकान में 5-6 लोग ही रहते हैं। जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि भवन में 40 से अधिक किरायेदार रह रहे थे।

नगर निगम ने मकान मलिक को जारी किया नोटिस

इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए जयपुर नगर निगम ने मकान मलिक रेहना सुल्ताना को नोटिस जारी किया है। निगम ने 24 घंटे में विशेषज्ञ की देख-रेख में सुरक्षित तरीके से ध्वस्त कराने या सुधार करवाने के निर्देश जारी किए हैं। निर्देश का पालन न करने पर नगर निगम नियमानुसार कार्रवाई करेगा। उधर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने आवाजाही बंद कर दी है। तीनों गलियों में बैरिकेडिंग कर दी है। साथ ही पुलिस कर्मी आम जनता को चेतावनी दे रहे हैं कि इधर से न गुजरें खतरा है। भवन कभी भी गिर सकता है।

तो बड़ा हादसा हो सकता था...

स्थानीय निवासी अब्दुल लतीफ का आरोप है कि भवन की हालत लंबे समय से जर्जर थी, इसके बावजूद उसमें बड़ी संख्या में किरायेदार रखे गए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते लोगों को बाहर नहीं निकाला जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, मकान मालकिन का कहना है कि मकान उन्हें पैतृक संपत्ति के बंटवारे में मिला था और वे स्वयं वहां नहीं रहती हैं।