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Exclusive: राजस्थान के सभी शहरों की बदल जाएगी तस्वीर, जानिए नए मास्टर प्लान में क्या कुछ होगा खास

Rajasthan Master Plan: अब राजस्थान के शहरों की योजना बनाने का तरीका बदलने जा रहा है। पहली बार मास्टर प्लान में विस्तृत ट्रांसपोर्ट प्लान भी शामिल होगा। इसके जरिए बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव का 20-30 साल पहले ही आकलन किया जाएगा।
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जयपुर

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Anil Prajapat

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भवनेश गुप्ता

Aug 07, 2026

Rajasthan Master Plan

राजस्थान के शहरों का बदलेगा मास्टर प्लान। फोटो: एआई

भवनेश गुप्ता
Rajasthan Cities Master Plan: जयपुर। अभी तक शहरों के मास्टर प्लान में यह तय होता रहा कि आवासीय कॉलोनियां कहां बसेंगी, बाजार और उद्योग कहां विकसित होंगे। अब शहरों की योजना बनाने का तरीका बदलने जा रहा है। पहली बार मास्टर प्लान में विस्तृत ट्रांसपोर्ट प्लान भी शामिल होगा। इसके जरिए बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव का 20-30 साल पहले ही आकलन किया जाएगा। इससे यह तय किया जा सकेगा कि भविष्य में किस इलाके में कितना ट्रैफिक होगा, कहां जाम और पार्किंग का दबाव बढ़ेगा तथा सड़क, सार्वजनिक परिवहन और अन्य यातायात सुविधाओं की क्या जरूरत होगी।

नगर नियोजन विभाग ने इस दिशा में कवायद शुरू कर दी है। नई व्यवस्था में मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया में शुरुआत से ही ट्रांसपोर्ट प्लानर शामिल होंगे। वे सड़कों के साथ सड़क परिवहन-यातायात की जरूरत का आकलन कर एकीकृत ट्रांसपोर्ट प्लान तैयार करेंगे।

पुख्ता ट्रांसपोर्ट प्लान के बिना बढ़े शहर

राजस्थान के शहरों का विस्तार तो हुआ, लेकिन ट्रांसपोर्ट व ट्रैफिक व्यवस्था उसी गति से विकसित नहीं हो सकी। पहले कॉलोनियां, बाजार और व्यावसायिक क्षेत्र विकसित हो जाते हैं, जबकि सड़क, पार्किंग और सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था बाद में की जाती है।

मास्टर प्लान में क्या होगा नया

-पहले ही तय होगा किस इलाके में कितना ट्रैफिक आएगा।
-सड़क, बस, पैदल मार्ग, मेट्रो व पार्किंग की संयुक्त योजना बनेगी।
-नए विकसित क्षेत्रों के साथ ट्रांसपोर्ट नेटवर्क भी डिजाइन होगा।
-जाम को पहले ही कम करने की रणनीति बनेगी।

बदलेगा फॉर्मूला

दक्षिण भारत के कई शहरों में भूमि उपयोग और ट्रांसपोर्ट की संयुक्त योजना पर काम हो चुका है। राजस्थान में जयपुर, जोधपुर और उदयपुर में ट्रांसपोर्ट प्लान बने, लेकिन उनका मास्टर प्लान से पूरा समन्वय नहीं हो सका।

पहले जमीन का नक्शा, अब ट्रैफिक का गणित

अभी यह होता है: कुछ बड़े शहरों में भू-उपयोग और ट्रांसपोर्ट प्लान बने, लेकिन दोनों अलग-अलग तैयार हुए। अधिकांश शहरों में विस्तृत ट्रांसपोर्ट प्लान ही नहीं है।
सबसे बड़ी कमीः नई कॉलोनी, मॉल या व्यावसायिक क्षेत्र बनने से कितना ट्रैफिक बढ़ेगा, इसका पहले आकलन नहीं हो पाता।
नया बदलावः भू-उपयोग और ट्रांसपोर्ट प्लान को एक साथ जोड़कर वैज्ञानिक मॉडल तैयार किया जाएगा।
पहले ही मिलेगा जवाब: किस इलाके में भविष्य में कितना ट्रैफिक होगा, मौजूदा सड़कें उसे संभाल पाएंगी या नहीं।
इसी आधार पर योजनाः जहां जरूरत होगी, वहां सड़क चौड़ीकरण, फ्लाईओवर, मेट्रो, बीआरटीएस, बस कॉरिडोर, पार्किंग व अन्य सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं की योजना पहले से बनाई जाएगी।

आज ऐसी योजना की है जरूरत

आज जरूरत ऐसी योजना की है, जिसमें शहर का विस्तार और लोगों की आवाजाही दोनों साथ-साथ चलें। नई व्यवस्था से मास्टर प्लान केवल जमीन के उपयोग का दस्तावेज नहीं रहेगा, बल्कि यह तय करेगा कि भविष्य में लोगों की आवाजाही को कैसे सहज और सुरक्षित बनाया जाए।
-शशिकांत, मुख्य नगर नियोजक, राजस्थान