रविन्द्र बज ने बताया कि डॉ मनोज यूपी के आचार्य विमलसागर की जन्मभूमि कोसमा आगरा-एटा जिले में भी एक अस्पताल के ट्रस्टी रह चुके हैं। जहां सारी जमापूंजी उन्होंने वहां असहाय तबके के निशुल्क इलाज के लिए समर्पित कर दी। करीब 35 वर्ष तक चिकित्सा के प्रोफेशन के बाद अब वे क्षुल्लक के रूप में आत्मकल्याण के साथ ही मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर होंगे।