10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मॉब लिंचिंग और ऑनर किलिंग पर केन्द्र पर बरसे गहलोत, कहा हमारे कानून रोकने का तुक क्या है?

पहलू व उनके पुत्रों पर दर्ज एफआइआर रद्द करने से गर्माई सियासत, राजस्थान में निजी कारों पर टोल-टेक्स फिर लगाने को जनहितकारी कदम बताया
2 min read
Google source verification
मॉब लिंचिंग और ऑनर किलिंग पर केन्द्र पर बरसे गहलोत, कहा हमारे कानून रोकने का तुक क्या है?

मॉब लिंचिंग और ऑनर किलिंग पर केन्द्र पर बरसे गहलोत, कहा हमारे कानून रोकने का तुक क्या है?

शादाब अहमद / नई दिल्ली. राजस्थान हाइकोर्ट ( Rajasthan Highcourt ) के पहलू खां ( Pehlu Khan ) और उसके परिवार के खिलाफ दर्ज गोतस्करी ( Gotaskari ) की एफआइआर को रद्द करने के आदेश के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( CM Ashok Gehlot ) केन्द्र सरकार ( Central Government ) व भाजपा पर हमलावर हो गए। उन्होंने सीधे तौर पर केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ( Amit Shah ) से सवाल किया कि मॉब लिंचिंग ( Mob Lynching ) और ऑनर किलिंग ( Owner Killing ) पर राजस्थान सरकार ( Rajasthan Government ) के बनाए कानून को रोकने का तुक क्या है? केन्द्र को इसे राष्ट्रपति के पास भेजना चाहिए। इसके साथ ही गहलोत ने राजस्थान ( Rajasthan ) में निजी कारों पर टोल-टेक्स ( Toll Tax ) फिर से लगाने के कदम को जनहितकारी बताया।

दिल्ली दौरे पर आए गहलोत ने यह बातें गुरुवार को पत्रकारों से कहीं। उन्होंने कहा कि भीड़तंत्र के चलते एक बेकसूर इंसान की जान चली जाए, फिर चाहे वह हिन्दू, मुस्लिम, सिख या इसाई कोई भी हो, यह ठीक नहीं है। यह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसी वजह से राजस्थान सरकार ने विधानसभा ( Rajasthan Assembly ) में मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून पारित किया।

इसके अलावा नौजवान युवक-युवती विवाह करते हैं, लेकिन जाति-समाज के नाम पर उनकी हत्या कर दी जाती है। इस पर अंकुश लगाने के लिए भी कानून बनाया। गहलोत ने इन दोनों कानूनों को अटकाने का आरोप भाजपा सरकार ( BJP Government ) पर लगाया और कहा कि इसके चलते ऐसी घटनाएं रुक नहीं पा रही हैं। ऐसे कानून बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है। यदि केन्द्र इन्हें पारित नहीं करती है तो हम लड़ाई लड़ेगे।

एसआइटी रिपोर्ट में जिम्मेदार ठहराए पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई
गहलोत ने कहा कि तत्कालीन भाजपा सरकार के समय पुलिस ने खुद की जान बचाने के लिए पहलू खां और उनके पुत्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया और पुलिस ने चोरी-छिपे न्यायालय में चार्जशीट पेश कर दी। अब हाइकोर्ट ने इसे रद्द कर दिया है। पहलू की हत्या के आरोपियों को बचाने की नीयत से पुलिस ने साजिश रची। बिना शिनाख्त परेड और एफएसएल रिपोर्ट के चालान पेश करने से न्यायालय ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। इस मामले में एसआइटी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने दस दिन पहले हाइकोर्ट में अपील की है। राजस्थान सरकार की ड्यूटी है कि पहलू खां के परिवार को न्याय मिले। उन्होंने कहा कि एसआइटी रिपोर्ट में जिम्मेदार ठहराए गए पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग