
Mukhyamantri Ayushman Arogya Yojana (Photo-AI)
Mukhyamantri Ayushman Arogya Yojana: जयपुर: राजस्थान की मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (मां योजना) में मरीजों को सालाना 25 लाख रुपए तक कैशलेस इलाज देने का दावा है, लेकिन पैकेज और भुगतान की व्यवस्था में उलझकर इलाज की राह मुश्किल हो रही है। योजना के तहत बीमा मोड में 5 लाख और ट्रस्ट मोड में 20 लाख रुपए तक का कवरेज है। इलाज निर्धारित पैकेज के आधार पर होता है। ऐसे में कवरेज की कुल सीमा के साथ प्रत्येक उपचार पर लागू पैकेज और भुगतान की व्यवस्था भी अहम है। सबसे बड़ा पेच सेकंडरी केयर के मेडिकल मैनेजमेंट में सामने आ रहा है।
निजी अस्पताल संचालकों के मुताबिक, कई सामान्य उपचार पैकेजों में बीमा कंपनी से मिलने वाली राशि करीब 50 हजार रुपए तक सीमित रहती है। इलाज का वास्तविक खर्च इससे अधिक होने पर अतिरिक्त भुगतान के लिए अस्पतालों को राज्य सरकार के हिस्से का इंतजार करना पड़ता है। अस्पतालों का दावा है कि ऐसे कई मामलों में करीब एक साल से भुगतान लंबित है। वहीं, गंभीर बीमारियों और टर्शियरी केयर के अन्य बड़े पैकेजों में बीमा कंपनी 5 लाख रुपए तक का भुगतान करती है।
अस्पताल संचालकों के मुताबिक, पूंजी फंस रही है। दवाइयों, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, जांच और अन्य उपचार सामग्री का भुगतान तत्काल करना पड़ता है, जबकि योजना के क्लेम की राशि लंबे समय बाद मिलती है। उनका तर्क है कि सर्जरी वाले पैकेजों की तुलना में मेडिकल मैनेजमेंट में मरीज कई दिन भर्ती रह सकता है और वास्तविक खर्च पैकेज की राशि से अधिक हो सकता है। ऐसे में अस्पतालों पर आर्थिक जोखिम बढ़ जाता है।
सरकारी योजनाओं में जहां भुगतान की सीमा तय होती है और सरकार के हिस्से की राशि पर निर्भरता रहती है, वहां भुगतान अटकने की समस्या सामने आती है। अस्पताल संचालकों के मुताबिक, मां योजना और आरजीएचएस, दोनों में ऐसी दिक्कतें हैं। वे लगातार इंश्योरेंस मॉडल लागू करने की मांग कर रहे हैं, जिससे मरीज, अस्पताल और सरकार तीनों को फायदा हो सके।
“मां योजना के नाम पर 25 लाख रुपए तक के कवरेज का प्रचार किया जाता है, लेकिन सेकेंडरी केयर की कुछ बीमारियों में 50 हजार रुपए तक की सीमा के कारण अंतर पैदा हो रहा है।”
— डॉ. विजय कपूर, प्रेसिडेंट, प्राइवेट हॉस्पिटल्स एंड डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान
Updated on:
15 Oct 2026 07:54 am
Published on:
15 Oct 2026 07:52 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
