
Rajasthan Rain: राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। ऐसे में मौसम विभाग ने सभी जिलों में इसका अलर्ट जारी किया है। आंध्रप्रदेश, दक्षिणी उड़ीसा से लगे बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र तीव्र होकर डिप्रेशन तंत्र बना हुआ है। तीन सितंबर से राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का दौर शुरू होगा। कोटा और उदयपुर संभाग में आगामी दो दिन यलो अलर्ट जारी किया है।
विभाग ने पिछले 24 घंटों में पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं पर तथा पूर्वी राजस्थान में अनेक स्थानों पर मेघगर्जन के साथ वर्षा दर्ज की गई है। अलवर, सीकर, अजमेर व नागौर जिले में कहीं-कहीं भारी वर्षा तथा जयपुर जिले (Jaipur Heavy Rain) में कहीं-कहीं अति भारी वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी राजस्थान में सर्वाधिक बारिश जयपुर में 120.4 मिमी व पश्चिमी राजस्थान के नावा, नागौर में 72.0 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
राजस्थान में 60 दिन के मानसून के दौरान पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार पानी की 8 प्रतिशत ज्यादा आवक हुई है। प्रदेश के 269 बांध लबालब भर गए हैं और 300 बांधों में पानी की आवक अधिक हुई है। वहीं 100 से ज्यादा बांधों में पानी की आवक जारी है और जल्द इनके लबालब होने की उम्मीद जल संसाधन विभाग के इंजीनियर लगा रहे हैं।
प्रदेश के छोटे-बडे़ 691 बांधों की कुल भराव क्षमता 12900 मिलियन क्यूबिक मीटर है और अब बांधों में कुल भराव क्षमता के 73.14 प्रतिशत भर चुके हैं। उधर जयपुर, अजमेर और टोंक जिले को पेयजल देने वाले बीसलपुर बांध में भी पानी की आवक जारी है।
Updated on:
02 Sept 2024 12:16 pm
Published on:
02 Sept 2024 12:16 pm
