
मोहित शर्मा.
जयपुर. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान बौखला गया है। अब वह भारतीय सेना और सरकार से सीधे युद्ध लडऩे के बजाय, रोज नए-नए पैतरें अपना रहा है। पाकिस्तान अब झूठ के सहारे युद्ध लडऩे की तैयारी कर रहा है। हाल ही पाकिस्तान ने भारतीय सेना के सीक्रेट डॉक्यूमेंट लीक होने का सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल किया है, जिसकी हकीकत कुछ और ही है। जब इस मैसेज की पड़ताल की गई तो यह झूठा निकाला। हकीकत यह है कि पाकिस्तान समर्थक सोशल मीडिया अकाउन्ट झूठ फैला रहे हैं।
सोशल मीडिया पर हाल ही में कुछ ऐसे दस्तावेज वायरल हो रहे हैं, जिनमें यह सनसनीखेज दावा किया जा रहा था कि ये भारतीय सेना की ऑपरेशनल तैयारियों से संबंधित गोपनीय कागजात हैं, जो लीक हो गए हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। गौरतलब है कि पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। इस हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक हुई, जिसमें सुरक्षा बलों को 'अत्यधिक सतर्कता' बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
इन दावों ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी। हालांकि, केंद्र सरकार के अधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पीआईबी फैक्ट चेक ने इन दावों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह से फर्जी हैं। उनका दावा है कि वायरल हो रहे दस्तावेज प्रामाणिक नहीं हैं। इस बीच, इस तरह की भ्रामक सूचना फैलाने के पीछे प्रो-पाकिस्तान सोशल मीडिया अकाउंट्स की भूमिका है। साथ ही कहा है कि ये सब एकदम झूठ है। अब सवाल ये उठता है कि क्या पाकिस्तान ऐसे झूठ के सहारे की युद्ध लड़ेगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर, कुछ यूजर्स ने दस्तावेजों की तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया कि ये भारतीय सेना की आंतरिक और संवेदनशील जानकारी है, जो ऑपरेशनल योजनाओं से जुड़ी है और किसी तरह सार्वजनिक हो गई है। भारत के खिलाफ दुष्प्रचार अभियानों में प्रो-पाकिस्तान तत्व सक्रिय रहते हैं। इस बार भी ऐसे ही एक हैंडल ने जानबूझकर ये फर्जी दस्तावेज फैलाए हैं। इस तरह के दावों ने स्वाभाविक रूप से गंभीर चिंताएं उत्पन्न कीं, क्योंकि सैन्य तैयारियों से जुड़ी जानकारी का लीक होना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो की फैक्ट चेक विंग ने इन वायरल दावों और दस्तावेजों की पड़ताल की। अपनी जांच के बाद, फैक्ट चेक ने अधिकारिक एक्स हैंडल पर एक स्पष्टीकरण जारी किया है, जिसमें बताया है कि यह दावा फर्जी है। ये दस्तावेज प्रामाणिक नहीं हैं। इस स्पष्टीकरण से यह साफ हो गया है कि जिन दस्तावेजों को सेना का बताकर प्रसारित किया जा रहा है, वे वास्तव में भारतीय सेना के हैं ही नहीं और उन्हें गलत मंशा से फैलाया जा रहा है। पीआईबी और रक्षा मंत्रालय दोनों ने इन दावों को फर्जी बताया है और जनता से अपुष्ट सूचनाएं साझा न करने और सतर्क रहने की अपील की है।
Updated on:
30 Apr 2025 02:40 pm
Published on:
30 Apr 2025 02:37 pm
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