
Trade War : चीन, यूरोपीय यूनियन और दुनिया के अन्य देशों की अमरीका के साथ छिड़ी ट्रेड वार के बाद राजस्थान के निर्यातक अधरझूल की स्थिति में पहुंच गए हैं। हर घंटे-दो घंटे में आ रही टैरिफ वार की खबरों ने उनकी नींद उड़ा रखी है और वे अमरीका से मिले हुए ओपन ऑर्डर्स को लेकर भी असमंजस में हैं। हालत यह है कि अगले सप्ताह हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री के लिए ग्रेटर नोएडा में शुरू होने वाले हस्तशिल्प निर्यात संवर्द्धन परिषद (ईपीसीएच) के फेयर को लेकर भी निर्यातकों में उत्साह कम है। वे अब इसकी सफलता को लेकर भी आशंकित हैं। इस फेयर में राजस्थान से लगभग 850 निर्यातकों ने स्टॉल बुक करवाएं हैं।
आज की स्थिति को देखा जाए तो भारत के निर्यातक चीन और वियतनाम के मुकाबले फायदे की स्थिति में हैं, लेकिन दूसरी तरफ कोई यह विश्वास करने को भी तैयार नहीं है कि ये स्थिति लंबे समय तक कायम रहेगी, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप के इन अजीबोगरीब फैसलों का विरोध अमरीका में ही जोर-शोर से हो रहा है और सभी बायर्स अपने सप्लायर्स को थोड़ा इंतजार करने की सलाह दे रहे हैं।
नवनीत झालानी, को-ऑर्डिनेटर, राजस्थान हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्र्ट्स ज्वाइंट फोरम
अमरीका में ट्रंप के टैरिफ वार में चीन और यूरोपीय यूनियन की ओर से जवाबी टैरिफ जारी करने के बाद वैश्विक बाजार में द्वंद्व की स्थिति बन गई है, निर्यातक फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की पॉलिसी अपना रहे हैं, मुझे लगता है कि इस चुनौती के बीच भी प्रदेश के निर्यात के लिए नए अवसर हैं, यदि अमरीका और चीन के बीच टैरिफ वार बढ़ता है तो भारत के लिए अमरीकी बाजार में चीन के विकल्प के तौर पर उभरने की संभावनाएं हैं।
सुरेश अग्रवाल, अध्यक्ष, फोर्टी
अमरीका में आयातकों ने खरीदारी पूरी तरह से बंद कर दी है, यहां तक की पाइपलाइन में भी जो आर्डर हैं उनको कैंसिल किया जा रहा है। अब चीन और यूरोपीय देशों की ओर से लगाए गए नए टैरिफ से अमरीका में इंपोर्ट की स्थिति और मुश्किल होने वाली है, भारत के निर्यातकों पर इसका फिलहाल जबरदस्त इंपैक्ट है। कारोबार पूरी तरह से ठप है।
अशोक महेश्वरी, कन्वीनर, जस
Updated on:
10 Apr 2025 09:40 am
Published on:
10 Apr 2025 09:40 am
