
आचार संहिता में जांच व जब्ती के डर से डगमगाया सराफा कारोबार
जांजगीर-बलौदा। CG Election 2023: आचार संहिता में जांच व जब्ती के डर से सराफा कारोबार डगमगा गया है। शहर से अधिकांश छोटे सराफा व्यापारी गांव-गांव के बाजार में जाकर कारोबार करते है। वर्तमान में बार्डर में हर जगह जांच व जब्ती की कार्रवाई हो रही है। एफएसटी टीम की जांच व लफड़े में पड़ने की वजह से सराफा कारोबारी अब दूसरे जगह नहीं जा रहे हैं। ऐसे में ऐनवक्त दिवाली के समय कारोबार बहुत ज्यादा प्रभावित हो रहा है। पुलिस हाइवे सहित हर शहर के बार्डर में चेक पोस्ट लगाया गया है। जिसमें तैनात जवान जांच कर रहे हैं।
दीपावली के सीजन में चुनावी सरगर्मी जोर पकड़ ली है। आचार संहिता के तहत जिले की सीमाओ, तीनों हाइवे और अन्य मार्गों में सख्ती से वाहनों की जांच की जा रही है। इसका सीधा असर जिले के कारोबार और आमजन पर पड़ रहा है। हालात यह है कि सराफा कारोबार बुरी तरह से डगमगा गया है। दीपावली ही वह सीजन है, जिसमें सराफा कारोबार परवान चढ़ता है, लेकिन फिलहाल हालत इससे उल्टा है। चेक पोस्ट में जांच व जब्ती के डर से व्यापारी सोना-चांदी और जेवर नहीं ला पा रहे हैं, वहीं जेवर खरीदने के लिए ग्राहक भी नकदी लाने से बच रहे हैं। ऐन वक्त दीपावली के सीजन में ऐसे हालात बनने से सराफा व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।
शहर सहित जिले भर के सराफा कारोबारी इंदौर, महाराष्ट्र के मुंबई सहित अन्य बड़े शहरों से माल बुलवाते हैं लेकिन चुनावी आचार संहिता ने इस आयात-निर्यात पर फिलहाल बड़ी रोक लगा दी है। नियमानुसार आचार संहिता के तहत 50 हजार रुपए से ज्यादा लाने-जाने में पाबंदी है। ऐसे में ग्राहक भी जेवर व नगदी लाने से बच रहे है। सराफा व्यापारियों का कहना है कि हम बिल व सभी दस्तावेजों के साथ कारोबार कर रहे हैं। लेकिन चेक पोस्ट में जब्त कर लिया जा रहा है। हालांकि बाद में छूट जा रहा है। लेकिन इन सब में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बलौदा के छोटे सराफा व्यापारी बड़ी संख्या में आसपास के गांव व शहर के बाजार में जाकर कारोबार करते हैं। लेकिन वर्तमान में हर बार्डर में जांच व जब्ती की डर से सराफा व्यापारी निकल ही नहीं पा रहे हैं। उन्हें जांच व जब्ती का डर सता रहा है।
10 लाख से अधिक पर जब्ती के आदेश
50 हजार रुपए से ज्यादा की राशि नकद ले जाने के लिए जहां दस्तावेज रखना जरूरी है। वहीं जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति के पास 10 लाख रुपए से अधिक की नगद राशि प्राप्त होती है तो उसे जब्त कर पास के थाने में जमा कराने के चुनाव आयोग के आदेश है। 10 लाख से ज्यादा मिलने पर इसकी सूचना आयकर विभाग को दी जाएगी। राशि के संबंध में आयकर विभाग जांच करेगी।
नकदी ले जाने की 50 हजार ही लिमिट
2018 के तहत चुनाव में जहां सोने के भाव में 31 हजार रुपए प्रति दस ग्राम थे। वहीं अब 62 हजार रुपए प्रति दस ग्राम है। इसके साथ अन्य वस्तुएं भी महंगी हुई है, लेकिन चुनाव आयोग के नगदी की राशि न बढ़ाते हुए अभी भी 50 हजार रुपए ही तय कर रखी है। इसका असर शहर के कारोबार पर हो रहा है। हर शहर व गांव के बार्डर में 50 हजार रुपए से ज्यादा राशि मिलने पर कहां से लाए और कहां ले जा रहे हैं। इसकी जानकारी मांगी जा रही है।
Published on:
6 Nov 2023, 4:23 PM IST
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