2 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Janjgir News: मेहंदी पंचायत में 16 लाख के भुगतान पर विवाद, ग्रामीण बोले- जमीन पर नजर नहीं आ रहे काम

Mehndi Panchayat: मेहंदी पंचायत में 15वें वित्त की राशि के भुगतान को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्राम सभा में हिसाब मांगने पर हंगामा हुआ और कई काम मौके पर नहीं होने का आरोप लगाया गया।
2 min read
Google source verification
Janjgir News

Janjgir News: मेहंदी पंचायत में 16 लाख के भुगतान पर विवाद(photo-patrika group)

Janjgir News: छत्तीसगढ़ के मेहंदी पंचायत में 15वें वित्त की राशि के इस्तेमाल को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। 2 अक्टूबर को आयोजित ग्राम सभा में ग्रामीणों ने पंचायत में हुए विकास कार्यों और उनके भुगतान का हिसाब मांगा। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में लाखों रुपये का भुगतान किया गया, लेकिन आधे से ज्यादा काम मौके पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव से खर्च का पूरा ब्यौरा मांगा। इस दौरान ग्राम सभा में हंगामे की स्थिति भी बनी और ग्रामीणों ने कार्यवाही का वीडियो बनाया

Janjgir Breaking News: ग्राम सभा में ग्रामीणों ने मांगा हिसाब

ग्राम सभा के दौरान ग्रामीणों ने पंचायत में 15वें वित्त से कराए गए कार्यों और खर्च की जानकारी मांगी। ग्रामीणों के मुताबिक, पंचायत में करीब 16 लाख रुपये के भुगतान का रिकॉर्ड सामने आया, लेकिन इनमें से कई कार्य जमीन पर नजर नहीं आ रहे हैं। इसी को लेकर ग्राम सभा में सवाल-जवाब के दौरान हंगामे की स्थिति बन गई।

सरपंच-सचिव से मांगा जवाब

ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव से भुगतान और विकास कार्यों से जुड़ा पूरा हिसाब देने की मांग की। आरोप है कि सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के काम और खर्च को लेकर पारदर्शिता होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सरकारी राशि कहां और किस काम में खर्च की गई।

ग्राम सभा का वीडियो भी बनाया

ग्रामीणों ने ग्राम सभा की पूरी कार्यवाही का वीडियो भी बनाया। सामने आई जानकारी के अनुसार, जब ग्रामीण सवाल पूछ रहे थे, उस दौरान सचिव मोबाइल चलाते नजर आए। ग्रामीणों का आरोप है कि सवालों का जवाब देने के बजाय मामले को टालने की कोशिश की गई।

जांच की मांग कर सकते हैं ग्रामीण

मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि 15वें वित्त की राशि से स्वीकृत और भुगतान किए गए सभी कार्यों की मौके पर जांच होनी चाहिए। साथ ही भुगतान से जुड़े दस्तावेजों और कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। हालांकि, लगाए गए आरोपों पर पंचायत के सरपंच और सचिव का विस्तृत पक्ष सामने आना अभी बाकी है।