सितंबर 2022 में हाईकोर्ट ने 58 फीसदी आरक्षण पर रोक लगा दी थी। इसके बाद राज्य सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल मार्च में इस पर स्टे दे दिया था। डीएमई कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, 58 फीसदी आरक्षण पर भर्ती उन पदों पर की जा रही है, जिसकी प्रक्रिया शुरू हो गई थी। नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई थी इसलिए 58 फीसदी आरक्षण के अनुसार भर्ती नहीं की जा सकती। इसलिए व्यापमं को प्रस्ताव बनाकर भी नहीं भेजा गया। रोस्टर कब तय होगा, अधिकारी यह तय नहीं कर पा रहे हैं।