
कानपुर। ईरान के समर्थन और अमेरिका-इजरायल के विरोध में शुक्रवार को शहर के कई इलाकों में लोगों ने प्रदर्शन किया। जुम्मे की नमाज से पहले मस्जिदों की ओर जाने वाले रास्तों पर विरोध का अनोखा तरीका देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने रास्तों पर अमेरिका और इजरायल के झंडों के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति और इजरायल के प्रधानमंत्री की तस्वीरें जमीन पर लगा दीं। नमाज पढ़ने के लिए मस्जिदों में आने-जाने वाले लोगों ने इन तस्वीरों पर पैर रखकर गुजरते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह प्रतीकात्मक विरोध है, जिसके जरिए वे अमेरिका और इजरायल की नीतियों के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं।
नमाज के बाद दुआ और नारेबाजी -
जुम्मे की नमाज अदा करने के बाद मस्जिदों में युद्ध के खात्मे और दुनिया में अमन-शांति कायम होने के लिए खास दुआ की गई। लोगों ने कहा कि मौजूदा हालात में युद्ध के कारण बड़ी संख्या में बेगुनाह लोगों की जान जा रही है, जो बेहद दुखद है। नमाज के बाद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और अमेरिका तथा इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने इन हमलों को इंसानियत के खिलाफ बताते हुए कहा कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है। इससे केवल निर्दोष लोगों की जान जाती है और दुनिया में अस्थिरता बढ़ती है।
सभी समुदायों ने जताई चिंता-
प्रदर्शन में शिया मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ हिंदू समाज के कुछ लोग भी शामिल हुए। लोगों का कहना था कि यह किसी धर्म या समुदाय का नहीं बल्कि इंसानियत का मुद्दा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अमेरिका अपने हितों के लिए दुनिया को युद्ध की ओर धकेल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते इसे नहीं रोका गया तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप कर युद्ध की स्थिति को रोकने और दुनिया में शांति बहाल कराने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि दुनिया में अमन और भाईचारा कायम रहना चाहिए और किसी भी तरह के युद्ध से बचना ही मानवता के हित में है।
Published on:
06 Mar 2026 06:43 pm
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