
ओंकारेश्वर. श्रद्धालुओं ने अधिक वसूली की पर्चियां दिखाते हुए शिकायत की।
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में नई पार्किंग व्यवस्था लागू होने के कुछ ही दिनों बाद श्रद्धालुओं से मनमानी वसूली के आरोप सामने आए हैं। देशभर से भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि नगर परिषद द्वारा निर्धारित पार्किंग शुल्क की अनदेखी कर ठेकेदार के कर्मचारी तय दरों से कई गुना अधिक राशि वसूल रहे हैं। इससे श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ रही है और व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
नगर परिषद ओंकारेश्वर ने 1 अगस्त से पार्किंग का नया ठेका उप्र की तनिष्क इंफ्राटेक को दिया है। नई व्यवस्था के तहत पार्किंग शुल्क को वाहन श्रेणी और पार्किंग अवधि के आधार पर निर्धारित किया गया है। निर्धारित दरों के अनुसार जीप, कार, मिनी डोर और ऑटो रिक्शा के लिए पहले 6 घंटे तक 50 रुपए, 6 से 12 घंटे तक 75 रुपए तथा 12 घंटे से अधिक समय के लिए 100 रुपये शुल्क तय है। ट्रैक्टर, ट्रॉली, ट्रक और डंपर के लिए क्रमश: 100, 120 और 150 रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं टूरिस्ट बस एवं टेंपो ट्रैवलर के लिए पहले 6 घंटे 300 रुपए, 6 से 12 घंटे 320 रुपए तथा 12 घंटे से अधिक 350 रुपए शुल्क निर्धारित है। नियमित लाइन की बसों के लिए अस्थायी प्रवेश शुल्क 100 रुपए तय किया गया है।
श्रद्धालुओं ने निर्धारित दरों से अधिक वसूली के आरोप पार्किंग ठेकेदार पर लगाए हैं। इंदौर निवासी कार चालक नीरज निगम ने बताया कि उनकी कार लगभग 8 घंटे पार्किंग में रही, जिसके लिए निर्धारित शुल्क 75 रुपए बनता था, लेकिन उनसे 220 रुपए वसूल लिए गए। इसी तरह महाराष्ट्र के अकोला से श्रद्धालुओं को लेकर आए टेंपो ट्रैवलर चालक निकेश राठौर ने बताया कि उनका वाहन करीब 10 घंटे पार्किंग में खड़ा रहा, जबकि निर्धारित शुल्क 320 रुपए था। आरोप है कि कर्मचारियों ने उनसे 620 रुपए वसूल किए।
श्रद्धालुओं का कहना है कि वे लंबी दूरी तय कर भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन पार्किंग में इस तरह की कथित मनमानी वसूली उनकी धार्मिक यात्रा का अनुभव खराब कर रही है। उनका कहना है कि यदि ऐसी स्थिति बनी रही तो तीर्थनगरी की छवि भी प्रभावित होगी। श्रद्धालुओं ने नगर परिषद एवं जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारियों और संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। इस मामले में नपा अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ठेकेदार को नोटिस दे कर कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
07 Aug 2026 12:15 pm
Published on:
07 Aug 2026 12:15 pm
