
खरगोन. सात फेरे और सात जन्मों का साथ...साथ जीने-मरने के वादे और कसमें..इन सब के बारे में आपने कई बार सुना होगा लेकिन खरगोन में एक ऐसा अजीब संयोग देखने को मिला जिसे जानकर पूरा गांव भावुक हो उठा। यहां बुजुर्ग दंपति की एक साथ एक ही दिन घर से अर्थियां उठीं। मामला देवलगांव का है जहां 80 वर्षीय पत्नी की मौत के गम में 90 वर्षीय पति की सांसें भी थम गईं।
मरकर भी निभाया साथ
देवलगांव में रहने वाले नागू गोस्वामी और उनकी पत्नी सीताबाई ने इस जन्म एक दूसरे का जिंदगी भर साथ दिया और जब बिछड़ने का वक्त आया तो पत्नी के गम में पति नागू गोस्वामी ने भी अपने प्राण त्याग दिए। ग्रामीणों के मुताबिक 90 वर्षीय नागू गोस्वामी की शादी करीब 60 साल पहले सीताबाई से हुई थी। दोनों ने जिंदगी के 60 बरस एक साथ गुजारे, हर सुख-दुख में एक दूसरे का साथ दिया। 80 वर्ष की आयु में सीताबाई का निधन हो गया पत्नी से बिछड़ने का गम पति नागू गोस्वामी सहन नहीं कर पाए और पत्नी की मौत के आठ घंटे बाद ही उनने भी दुनिया को अलविदा कह दिया।
एक साथ उठीं दोनों की अर्थी
बुजुर्ग नागू गोस्वामी व सीताबाई के चार बेटे व दो बेटियां हैं जिनकी शादी हो चुकी है। माता-पिता की मौत के बाद बच्चों ने माता-पिता का एक साथ अंतिम संस्कार किया। एक साथ दोनों की अर्थी घर से उठीं और बांड बाजे के साथ भजन कीर्तन करते हुए श्मशान ले जाईं गईं। पति पत्नी की एक साथ सामान्य मौत के इस अजीब संयोग से पूरे गांव में शोक का माहौल है और ग्रामीणों का कहना है कि जिंदगी भर मेहनत मजदूरी कर नागू गोस्वामी व सीताबाई ने अपनी जिंदगी बिताई और साथ में ही इस दुनिया से विदा हुए।
Published on:
17 May 2022 05:48 pm
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