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नंदीग्राम-रेजीनगर में वोटिंग के बीच अधीर रंजन का बड़ा बयान, बोले- ‘चुनाव आयोग पर से लोगों का भरोसा उठ गया’

Adhir Ranjan Chowdhury Statement: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर सीट पर वोटिंग के बीच कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोगों का आयोग पर भरोसा कम हुआ है।
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Bengal Election News

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव के बीच चुनाव आयोग पर सवाल उठाया। (फोटो सोर्स-ANI)

Bengal Election News: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर मंगलवार को उपचुनाव के लिए वोटिंग हो रही है। इसी बीच कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों का चुनाव आयोग पर भरोसा कम होता जा रहा है। चौधरी ने आरोप लगाया कि चुनावी व्यवस्था पर सत्तारूढ़ दल का असर है।

बहरामपुर में बात करते हुए चौधरी ने कहा कि चुनाव को लेकर लोगों का भरोसा बना रहना जरूरी है। उनके मुताबिक, जिस तरह से चुनावी प्रक्रिया चल रही है, उससे लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं।

कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल और सत्तारूढ़ दल के प्रभाव को लेकर लोगों के बीच चिंता है। हालांकि, अपने इस दावे के समर्थन में उन्होंने किसी खास घटना या सबूत का जिक्र नहीं किया।

नंदीग्राम और रेजीनगर में वोटिंग

पश्चिम बंगाल की इन दोनों विधानसभा सीटों पर मंगलवार को मतदान हो रहा है। राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार के दौरान पूरी ताकत लगाई थी। अब मतदान के बाद सभी की नजर 9 अक्टूबर को आने वाले नतीजों पर है।

रेजीनगर सीट मुर्शिदाबाद जिले में आती है और बहरामपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। अधीर रंजन चौधरी लंबे समय तक बहरामपुर से सांसद रहे हैं। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

उपचुनाव के दौरान उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं।

चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठा चुके रंजन

अधीर रंजन चौधरी इससे पहले भी चुनाव के दौरान बूथ और मतदान से जुड़ी व्यवस्था पर सवाल उठाते रहे हैं। रेजीनगर उपचुनाव को लेकर उन्होंने विपक्षी दलों के बीच मिलकर काम करने की जरूरत भी बताई थी।

उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ जगहों पर विपक्षी दलों के बूथ एजेंटों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, ये आरोप चौधरी की ओर से लगाए गए हैं।

वहीं, चुनाव आयोग की जिम्मेदारी शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से मतदान कराना है। ऐसे में उपचुनाव के बीच अधीर रंजन का ताजा बयान पश्चिम बंगाल की राजनीति में चल रही खींचतान को एक बार फिर सामने लाता है।

अब मतदान पूरा होने के बाद 9 अक्टूबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे। इसके साथ ही यह भी साफ होगा कि नंदीग्राम और रेजीनगर के मतदाताओं ने किसके पक्ष में अपना फैसला सुनाया है।