मामला फंसता देख आरटीयू ने अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा। जिसके जवाब में एआईसीटीई ने सरकार के फैसले को अवैध करार देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने विशेष कारणों से देश के सिर्फ तीन संस्थानों पार्शवनाथ चैरेटेबल ट्रस्ट, तमिलनाडू इंजीनियरिंग कॉलेज और अन्ना यूनिवर्सिटी चेन्नई को ही 31 अगस्त तक एडमिशन प्रॉसिस जारी रखने की छूट दी है। आरटीयू को अपनी दाखिला प्रक्रिया 15 अगस्त तक ही खत्म करनी होगी, इसके बाद लिए गए दाखिले अवैध होंगे।