
Kota : नगर निगम कोटा का संविदाकर्मी अखिलेश मीणा। फोटो पत्रिका
Kota ACB : कोटा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कार्रवाई करते हुए नगर निगम कोटा के संविदाकर्मी अखिलेश मीणा को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी के अनुसार, संविदाकर्मी परिवादी से नगर निगम कोटा के बाहर रिश्वत की राशि लेते पकड़ा गया। कार्रवाई के दौरान टीम ने रिश्वत की रकम बरामद की। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक रिश्वत की मांग किसी काम को करवाने के एवज में की गई थी। एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। वहीं, कार्रवाई की भनक लगते ही दूसरा संविदाकर्मी आरोपी नरेश वर्मा मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। एसीबी के अनुसार अखिलेश अपने भाई भरत मीणा की जगह काफी समय से नगर निगम में काम कर रहा था।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि परिवादी द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसीबी कोटा विजय स्वर्णकार के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की गई कि परिवादी को प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत मकान निर्माण के लिए प्राप्त धनराशि की प्रथम किश्त 50,000 रुपए में से नगर निगम कोटा के संविदाकर्मी अखिलेश मीणा एवं नरेश वर्मा द्वारा रिश्वत राशि की मांग की जा रही है। साथ ही रिश्वत राशि नहीं देने पर आगामी किश्तें स्वीकृत नहीं होने देने की धमकी दी जा रही है।
परिवादी द्वारा प्रस्तुत शिकायत के क्रम में दिनांक एक अक्टूबर को ही रिश्वत मांग का सत्यापन करवाया गया। सत्यापन के दौरान आरोपी अखिलेश मीणा द्वारा 10,000 रुपए तथा आरोपी नरेश वर्मा द्वारा 5,000 रुपए रिश्वत राशि की मांग किया जाना पाया गया।
रिश्वत राशि की मांग की पुष्टि होने के उपरांत आज पुलिस उपमहानिरीक्षक, कोटा रेंज ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसीबी कोटा विजय स्वर्णकार के निर्देशन में पुलिस उप अधीक्षक अनिष अहमद के नेतृत्व में ट्रेप दल द्वारा कार्यवाही की गई। ट्रेप कार्यवाही के दौरान आरोपी अखिलेश मीणा, संविदाकर्मी, नगर निगम कोटा को परिवादी से नगर निगम कोटा के बाहर 10,000 रुपए रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। वहीं, आरोपी नरेश वर्मा ट्रेप कार्यवाही की भनक लगते ही मौके से फरार हो गया, जिसकी एसीबी टीम द्वारा तलाश की जा रही है।
एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव एवं पुलिस महानिरीक्षक, एस. परिमला के सुपरविजन में आरोपी अखिलेश मीणा से पूछताछ एवं अग्रिम कार्यवाही जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा। फरार आरोपी नरेश वर्मा की तलाश एवं गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
एसीबी के अनुसार भरत मीणा वर्ष 2025 से महात्मा गांधी श्रमिक ठेके के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े काम में लगा था। अब जांच की जा रही है कि भरत किस कंपनी या ठेका एजेंसी के माध्यम से काम कर रहा था और उसकी जगह अखिलेश के काम करने की जानकारी अधिकारियों या एजेंसी को थी या नहीं। संविदा, उपस्थिति और कार्य आवंटन के दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।
किसी व्यक्ति के विरुद्ध एसीबी में प्रकरण (अभियोग, प्राथमिक जांच, आदि) दर्ज होने पर, ACB से सीधे संपर्क कर अपना पक्ष/स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जा सकता है। प्रस्तुत स्पष्टीकरण के ACB द्वारा विस्तृत विश्लेषण के उपरांत ही अनुसंधान में निर्णय लिया जाना ACB की कार्यप्रणाली का हिस्सा है। यह जानकारी एसीबी के डर से धोखाधड़ी आदि के शिकार होने की संभावना के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
1-भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के टोल फ्री नम्बर 1064 एवं व्हाट्सएप हेल्पलाइन नम्बर 94135-02834 पर 24X7 सम्पर्क कर भ्रष्टाचार के विरूद्ध अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। एसीबी आपके वैध कार्य को करवाने में पूरी सहायता करेगी।
Updated on:
05 Oct 2026 08:04 pm
Published on:
05 Oct 2026 06:02 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
