
कोटा.
शहर में सट्टे का धंधा चौड़े-धाड़े जारी है। खाईवाल व सटोरियों में पुलिस व प्रशासन का कोई खौफ नहीं है। इस अनदेखी के कारण ही शहर के विभिन्न इलाकों में सट्टे का धंधा फल-फूल रहा है। कई बार मामले उजागर होने व कार्रवाई के बाद भी इस धंधे के लोगों का दुस्साहस है, जो इसमें लिप्त हैं।
चार दिन पहले राजस्थान पत्रिका ने शहर के तीन इलाकों सकतपुरा-कुन्हाड़ी, कंसुआ व श्रीपुरा में स्टिंग ऑपरेशन कर सट्टे के धंधे को उजागर किया था। इसके बाद पुलिस ने कुछ सटोरियों को पकड़ा था, लेकिन बड़ी 'मछलियां' कार्रवाई से बच गई। रविवार को तीन बत्ती सर्किल स्थित पटेल नगर नाले के पास बनी एक टापरी में सट्टा चलने की सूचना पर संवाददाता ने स्टिंग किया। यहां जो देखा, पेश है उस पर एक रिपोर्ट...।
'डरो मत, यहां कोई नहीं आता'
टापरी में संवाददाता ने शाम 4 बजे प्रवेश किया। इस दौरान अन्दर करीब 6-7 जने बैठे थे, जो वहां आने वाले लोगों को बरेली, आसरा व पर्ची वाले सट्टे की जानकारी देकर पर्चियां काट रहे थे। नम्बर लिखी एक टेबल पर लोग रुपए रखकर नम्बर लगा रहे थे। 15 मिनट रुकने के दौरान यहां और भी लोग आए। पूछने पर उन्होंने बताया कि यहां दिन-रात सट्टा चलता है। एक व्यक्ति ने कहा कि 'डरो मत, यहां कोई नहीं आता। पुलिस भी यहां कम ही आती है।
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भूमिगत हुए बड़े सटोरिए
सिटी एसपी अंशुमान भौमिया ने सभी थानाधिकारियों को सट्टे के धंधे को बंद करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद कुछ थाना क्षेत्रों में कार्रवाई भी हुई, लेकिन इस कार्रवाई में छोटे सटोरिए ही पकड़ में आए। बड़े सटोरिए व खाईवाल भूमिगत हो गए।
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कार्रवाई की थी
महावीर नगर थानाधिकारी ताराचंद का कहना है कि सूचना पर पुलिस ने चार दिन पहले ही इसी जगह कार्रवाई की थी। कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। यदि उन्होंने सट्टा फिर शुरू कर दिया तो कार्रवाई करेंगे।
Published on:
19 Feb 2018 07:35 pm
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