
ear candling (representative image) image credit Gemini
Ear Wax Removal: कान में जमा ईयरवैक्स यानी कान का मैल निकालने के लिए कुछ लोग बाजार में मिलने वाली किट, लकड़ी पर रूई लपेटकर या ईयर कैंडलिंग जैसी कई चीजों का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या ये तरीके सच में कान की सफाई के लिए सही और सुरक्षित हैं? आइए जानते हैं ईयर कैंडलिंग क्या है और कान से ईयरवैक्स निकालने के लिए इसका इस्तेमाल करना कितना सुरक्षित माना जाता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, ईयर कैंडलिंग को ईयर कोनिंग भी कहा जाता है। इसमें लंबी और खोखली कैंडल के एक सिरे को कान के छेद पर रखा जाता है और दूसरे सिरे को जलाया जाता है। इसे करने वालों का दावा होता है कि कैंडल से बनने वाला वैक्यूम कान के अंदर जमा वैक्स को बाहर खींच लेता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, ईयर कैंडलिंग से कान के अंदर नकारात्मक दबाव या वैक्यूम बनने का दावा सही साबित नहीं हुआ है। रिसर्च में भी यह साबित नहीं हुआ कि ईयर कैंडलिंग कान का मैल निकालती है। इसके बजाय इससे कान में जमा वैक्स और बढ़ सकता है। वहीं मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार भी ईयरवैक्स ब्लॉकेज के इलाज के लिए ईयर कैंडलिंग का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। रिसर्च में पाया गया है कि यह तरीका काम नहीं करता और इससे कान जल सकता है या कान को नुकसान पहुंच सकता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, ईयर कैंडलिंग के दौरान गर्म मोम और खुली लौ की वजह से कान और सिर की त्वचा जल सकती है। कैंडल कान के पर्दे को भी नुकसान पहुंचा सकती है। इसके अलावा पिघला हुआ मोम कान के अंदर चला जाए तो पहले से जमा ईयरवैक्स और ज्यादा बढ़ सकता है। कुछ मामलों में ईयर कैंडलिंग से आग लगने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। इसलिए इसे कान की सफाई का सुरक्षित तरीका नहीं माना जाता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, कान में बनने वाला ईयरवैक्स बेकार चीज नहीं है। यह कान के अंदर के वातावरण को बनाए रखने और गंदगी को इकट्ठा करने जैसे कामों में मदद करता है। आमतौर पर कान खुद ही अतिरिक्त वैक्स को बाहर निकाल देते हैं, इसलिए हर बार कान के अंदर की सफाई करने की जरूरत नहीं होती।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, अगर ईयरवैक्स ज्यादा जमा हो जाए और इससे दर्द या सुनने में परेशानी होने लगे, तो डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। डॉक्टर कान के अंदर देखकर यह पता लगा सकते हैं कि समस्या वास्तव में ईयरवैक्स की वजह से है या किसी दूसरी वजह से। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर अतिरिक्त ईयरवैक्स को सुरक्षित तरीके से निकाल सकते हैं।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, कान साफ करने के लिए कॉटन स्वैब का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए। इसे कान के अंदर डालने से वैक्स और अंदर जा सकता है और कान की नली या कान के पर्दे को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, कॉटन स्वैब, हेयरपिन या पेपर क्लिप जैसी चीजों से कान का मैल निकालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इससे वैक्स और अंदर जा सकता है और कान को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, अगर कान में ज्यादा वैक्स जमा हो गया है, तो सबसे सुरक्षित तरीका स्वास्थ्य विशेषज्ञ से जांच और सफाई करवाना है। अगर बार बार ईयरवैक्स जमा होता है, तो डॉक्टर सुरक्षित तरीके से इसे कम करने के उपाय भी बता सकते हैं। इसके अलावा अगर कान में दर्द, सुनने में परेशानी या कान से किसी तरह का तरल निकलने जैसी समस्या है, तो इसे सिर्फ ईयरवैक्स मानकर खुद से सफाई करने के बजाय डॉक्टर से जांच करवाना बेहतर है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
30 Sept 2026 02:28 pm
Published on:
30 Sept 2026 02:18 pm
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