
Eco-Friendly दिवाली मनाने के लिए लिए Idea (Representative Image) Image Credit Chatgpt
Eco Friendly Diwali Tips: दिवाली खुशियों, रोशनी और अपनों के साथ समय बिताने का त्योहार है। इस दिन घर की सफाई करने के साथ ही उसे सजाया जाता है, मिठाइयां बांटी जाती हैं और परिवार के सभी सदस्य मिलकर त्योहार का आनंद लेते हैं। लेकिन त्योहार की खुशियों के बीच पर्यावरण का ध्यान रखना भी जरूरी है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इको फ्रेंडली दिवाली कैसे मना सकते हैं, ताकि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना परिवार के साथ समय बिताकर इस त्योहार को यादगार बनाया जा सके।
दिवाली पर घर को रोशन करने के लिए चाइनीज और इलेक्ट्रॉनिक दीयों के बजाय मिट्टी के दीयों का इस्तेमाल करें। ये घर की सजावट को पारंपरिक लुक देने के साथ ही त्योहार की पुरानी परंपराओं से भी जोड़ते हैं। इसके साथ ही मिट्टी के दीयों का इस्तेमाल करने से स्थानीय कारीगरों को भी प्रोत्साहन मिलता है।
घर को सजाने के लिए प्लास्टिक के फूलों और झालरों का इस्तेमाल करने के बजाय कपड़े के तोरण, कागज की झालर और दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले सजावटी सामान चुनें। इससे प्लास्टिक कचरे को कम करने में मदद मिलेगी और घर को भी खूबसूरत लुक मिलेगा।
रंगोली बनाने के लिए केमिकल वाले रंगों की जगह फूलों की पंखुड़ियों, चावल और प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे रंगोली को खूबसूरत और पारंपरिक लुक मिलेगा। साथ ही, त्योहार के बाद सफाई करना भी आसान होगा।
घर की सजावट के लिए ज्यादा बिजली खर्च करने वाली लाइट्स के बजाय सोलर लाइट्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये लाइट्स दिन में सूरज की रोशनी से चार्ज होती हैं और रात में जलती हैं। इससे बिजली की खपत कम करने में मदद मिल सकती है।
पटाखों से निकलने वाला धुआं और तेज आवाज वायु एवं ध्वनि प्रदूषण बढ़ा सकते हैं। इससे पर्यावरण के साथ ही आसपास रहने वाले लोगों और जानवरों को भी परेशानी होती है। इसलिए दिवाली पर पटाखे जलाने से बचें।
घर में रखी पुरानी कांच की बोतलों, मिट्टी के बर्तनों और कपड़ों का इस्तेमाल करके नए सजावटी सामान बना सकते हैं। इससे बेकार पड़ी चीजों का दोबारा इस्तेमाल होगा और घर को एक नया लुक भी मिलेगा।
दिवाली पर दोस्तों और रिश्तेदारों को गिफ्ट और मिठाइयां देने के लिए प्लास्टिक के डिब्बों और पॉलिथीन की जगह कागज या कपड़े की पैकिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे त्योहार के दौरान निकलने वाले प्लास्टिक कचरे को कम करने में मदद मिलेगी।
तंबोला पार्टी में खेला जाने वाला एक मजेदार गेम है। इसमें सभी लोगों को नंबर वाली टिकट दी जाती हैं और एक व्यक्ति नंबर बोलता है। जिस खिलाड़ी के टिकट पर सबसे पहले तय किए गए नंबर पूरे होते हैं, वह विजेता बनता है। इसे दिवाली थीम के साथ और भी मजेदार बनाया जा सकता है।
इस गेम में अलग-अलग मिठाइयों को प्लेट में रखें। खिलाड़ियों को आंखों पर पट्टी बांधकर मिठाई का स्वाद चखना होगा और उसका नाम बताना होगा। जो खिलाड़ी सबसे ज्यादा मिठाइयों की सही पहचान करेगा, वह जीत जाएगा।
दिवाली से जुड़े सवाल पूछकर क्विज गेम खेल सकते हैं। इसमें रामायण, भगवान राम के अयोध्या लौटने की कथा, दिवाली की परंपराओं और त्योहार से जुड़ी रोचक जानकारियों पर सवाल रखे जा सकते हैं। इससे मनोरंजन के साथ ही सभी को नई बातें जानने का मौका मिलेगा।
म्यूजिकल चेयर ऐसा गेम है, जिसमें बच्चे और बड़े सभी हिस्सा ले सकते हैं। इसमें खिलाड़ियों की संख्या से एक कुर्सी कम रखी जाती है। म्यूजिक बजने पर सभी खिलाड़ी कुर्सियों के आसपास घूमते हैं और गाना बंद होते ही कुर्सी पर बैठने की कोशिश करते हैं। जो खिलाड़ी कुर्सी नहीं पकड़ पाता, वह खेल से बाहर हो जाता है।
इस गेम में एक खिलाड़ी बिना बोले किसी फिल्म, गाने या दिवाली से जुड़ी किसी चीज का नाम अभिनय करके समझाता है। बाकी खिलाड़ियों को उसका जवाब बताना होता है। यह गेम परिवार के साथ हंसी-मजाक और मनोरंजन का अच्छा मौका देता है।
परिवार के सदस्यों को छोटी-छोटी टीमों में बांट दें और हर टीम को रंगोली बनाने का टास्क दें। इसके लिए फूलों की पंखुड़ियों और प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया जा सकता है। सबसे सुंदर और रचनात्मक रंगोली बनाने वाली टीम विजेता होगी।
घर के अलग-अलग कोनों में छोटी-छोटी चीजें छिपा दें और खिलाड़ियों को उन्हें खोजने के लिए संकेत दें। जो टीम सबसे पहले सभी चीजें खोज लेगी, वह जीत जाएगी। इस गेम में बच्चों के साथ बड़े भी हिस्सा ले सकते हैं।
इस गेम में खिलाड़ियों को गुब्बारे को बिना हाथ लगाए हवा में बनाए रखना होता है। इसके लिए वे सिर या कंधे का इस्तेमाल कर सकते हैं। जो खिलाड़ी सबसे ज्यादा समय तक गुब्बारे को जमीन पर गिरने से बचाएगा, वह विजेता होगा।
दिवाली पार्टी में अंताक्षरी का अपना अलग ही मजा है। परिवार के सदस्यों को दो टीमों में बांट दें। एक टीम के गाने के आखिरी अक्षर से दूसरी टीम को गाना शुरू करना होगा। इसमें पुराने गानों से लेकर नए गानों तक सभी शामिल कर सकते हैं।
इस गेम में सभी खिलाड़ियों को दिवाली थीम के अनुसार अलग-अलग फोटो पोज देने होंगे। जैसे दीया जलाते हुए, परिवार के साथ मुस्कुराते हुए या रंगोली के पास फोटो खिंचवाना। अंत में सभी फोटो देखकर सबसे मजेदार और रचनात्मक फोटो को विजेता चुना जा सकता है।
बच्चों को रंगीन कागज, पुराने कार्डबोर्ड और पेंट दें। उनसे दिवाली की शुभकामनाओं वाले कार्ड बनवाएं। इन कार्ड्स पर वे अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों के लिए संदेश लिख सकते हैं।
दिवाली के अवसर पर बच्चों को भगवान राम के वनवास से लौटकर अयोध्या आने की कहानी सुनाएं। उन्हें बताएं कि मान्यता के अनुसार, भगवान राम के अयोध्या लौटने की खुशी में लोगों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था। इस तरह बच्चे त्योहार के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को समझ सकेंगे।
परिवार के सभी बच्चों को दिवाली से जुड़ी कोई कहानी सुनाने का मौका दें। वे भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी से जुड़ी कहानियां सुना सकते हैं। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें धार्मिक कथाओं के बारे में जानने का मौका भी मिलेगा।
बच्चों को गेंदे, गुलाब और अन्य फूलों की पंखुड़ियां देकर रंगोली बनवाएं। उन्हें अलग-अलग डिजाइन बनाने के लिए प्रेरित करें। इससे बच्चों को प्राकृतिक चीजों से सजावट करने का तरीका सीखने को मिलेगा और उनकी रचनात्मकता भी बढ़ेगी।
दिवाली खुशियां बांटने का त्योहार है। ऐसे में बच्चों को अपनी उम्र और क्षमता के अनुसार जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए प्रेरित करें। वे पुराने लेकिन अच्छी स्थिति वाले कपड़े, किताबें या खिलौने जरूरतमंद बच्चों को दे सकते हैं। इससे उनमें दूसरों की मदद करने और उनके प्रति संवेदनशील रहने की भावना विकसित होगी।
Updated on:
1 Nov 2026, 12:17 PM IST
Published on:
1 Nov 2026, 12:17 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.