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Glass Skin पाने की कोशिश में कहीं स्किन को नुकसान तो नहीं पहुंचा रहे? AAD से जानें किन गलतियों से बचें 

Glass Skin Trend: ग्लास स्किन पाने के चक्कर में कहीं आप भी तो त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचा रहे? अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी और क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें सही स्किन केयर के जरूरी टिप्स।
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Glass स्किन केयर टिप्स (Representative Image) Image Credit Magnific

Glass Skin Care Mistakes: हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए सोशल मीडिया पर आए दिन अलग अलग टिप्स और ट्रिक्स देखने को मिलती हैं। कभी कोई नया स्किन केयर हैक ट्रेंड में आ जाता है तो कभी किसी खास लुक को पाने के तरीके वायरल होने लगते हैं। इन्हीं ट्रेंड्स में ग्लास स्किन भी शामिल है। ऐसे में आइए जानते हैं ग्लास स्किन ट्रेंड क्या है, इसे फॉलो करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और स्किन बैरियर को सुरक्षित रखना क्यों जरूरी है। 

ग्लास स्किन क्या होती है?

अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी (AAD) के अनुसार ग्लास स्किन कोरिया से शुरू हुआ एक स्किन केयर ट्रेंड है, जिसमें त्वचा को स्मूद, साफ और पोर्स कम दिखाई देने वाली जैसी दिखाने की कोशिश की जाती है। इसके लिए आमतौर पर हल्के क्लेंजर, हाइड्रेटिंग सीरम, मॉइस्चराइजर और एक्सफोलिएशन का इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही त्वचा को धूप से बचाने के लिए सनस्क्रीन लगाने पर भी ध्यान दिया जाता है।

हर स्किन टाइप के लिए सही नहीं है ग्लास स्किन ट्रेंड

अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी (AAD) के मुताबिक सोशल मीडिया पर दिखने वाला हर स्किन केयर ट्रेंड हर व्यक्ति की त्वचा के लिए सही नहीं होता। ग्लास स्किन का लुक भी हर किसी के लिए आसानी से हासिल होना जरूरी नहीं है। इसलिए सोशल मीडिया पर किसी की त्वचा देखकर उसी तरह का स्किन केयर रूटीन अपनाने से पहले अपनी त्वचा की जरूरत को समझना जरूरी है।

ज्यादा प्रोडक्ट लगाने से हो सकती है परेशानी

अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी (AAD) के अनुसार ग्लास स्किन पाने की कोशिश में बहुत ज्यादा प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से पोर्स बंद हो सकते हैं। इससे त्वचा में जलन और पिंपल जैसी समस्या भी हो सकती है। इसलिए स्किन केयर रूटीन में जरूरत से ज्यादा प्रोडक्ट शामिल करने से बचना चाहिए और अपनी त्वचा के हिसाब से रूटीन बनाना चाहिए।

स्किन बैरियर क्या होता है?

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार स्किन बैरियर त्वचा की सबसे बाहरी परत होती है। इसमें मृत त्वचा कोशिकाएं, लिपिड, प्रोटीन और फैट होते हैं, जो त्वचा को बाहरी वातावरण से बचाने में मदद करते हैं। यह त्वचा के अंदर पानी बनाए रखने और केमिकल्स तथा संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया को अंदर जाने से रोकने में भी मदद करती है।

स्किन बैरियर हो सकता है कमजोर

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार कठोर केमिकल या साबुन का इस्तेमाल, जरूरत से ज्यादा एक्सफोलिएशन और त्वचा को स्क्रब करना स्किन बैरियर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए त्वचा की देखभाल करते समय ज्यादा रगड़ने और जरूरत से ज्यादा एक्सफोलिएशन करने से बचना चाहिए।

स्किन बैरियर खराब होने पर दिख सकते हैं ये संकेत

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के मुताबिक स्किन बैरियर को नुकसान पहुंचने पर त्वचा रूखी, परतदार या परत निकलने जैसी हो सकती है। इसके साथ जलन, खुजली, सूजन, लालिमा, खुरदुरे पैच, त्वचा में चुभन या संवेदनशीलता जैसी परेशानी भी हो सकती है। कुछ मामलों में पिंपल या त्वचा में संक्रमण भी हो सकता है।

स्किन बैरियर को ऐसे रखें सुरक्षित

स्किन बैरियर को सुरक्षित रखने के लिए क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार त्वचा की सफाई करते समय बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे त्वचा का प्राकृतिक तेल कम हो सकता है। चेहरे को साफ करने के लिए गुनगुने पानी और हल्के, साबुन रहित और खुशबू रहित क्लेंजर का इस्तेमाल करना बेहतर है। इसके साथ ही त्वचा को मॉइस्चराइज रखना भी जरूरी है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।