
68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण विसंगति पर अभ्यर्थियों का हल्लाबोल, शिक्षा मंत्री आवास पर बजाई सीटी (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
68500 Teacher Recruitment: 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण विसंगति का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। सोमवार को प्रदेश के अलग-अलग जिलों से राजधानी लखनऊ पहुंचे अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पर प्रदर्शन कर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। अभ्यर्थियों ने सीटी बजाकर और नारेबाजी कर आरक्षण विसंगति के समाधान की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मौजूद रहे और उन्होंने संबंधित आदेश का अनुपालन किए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से जारी आदेश में ओबीसी दिव्यांग अभ्यर्थियों को 150 में से 60 अंक यानी 40 प्रतिशत के आधार पर परिणाम संशोधित कर नियुक्ति दिए जाने की बात कही गई है। अभ्यर्थियों का दावा है कि आयोग के आदेश में आरक्षण विसंगति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की बात भी कही गई है। इसी आदेश को लागू कराने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री के आवास का रुख किया। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें अपेक्षित समाधान नहीं मिला है। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण से जुड़े सवालों का समाधान संबंधित आदेश के अनुरूप किया जाना चाहिए, ताकि प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।
सोमवार को प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने सीटी बजाकर अपनी आवाज बुलंद की। इस दौरान उन्होंने सरकार और शिक्षा मंत्री से अपने मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने “संदीप भैया न्याय करो” और “है हक हमारा आरक्षण, हम लेकर रहेंगे आरक्षण” जैसे नारे लगाए। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के समर्थन में भी नारे लगाए गए। अभ्यर्थियों का कहना था कि उनका आंदोलन किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण संबंधी विसंगति को दूर कराने और प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के लिए है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग के आदेश के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जाए।
शिक्षा मंत्री के आवास पर प्रदर्शन के दौरान मौके पर पुलिस प्रशासन भी मौजूद रहा। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया और उन्हें ईको गार्डन भेज दिया। इसके बाद आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने अपने धरने और आगे की रणनीति को लेकर बातचीत जारी रखी।प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अभ्यर्थी तूफान सिंह ने बताया कि प्रशासन की ओर से शिक्षा मंत्री से वार्ता को लेकर बातचीत की गई है। उनके अनुसार, मंगलवार को दोपहर 12 बजे के बाद अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल और शिक्षा मंत्री के बीच वार्ता प्रस्तावित है। उनका कहना है कि वार्ता में अभ्यर्थी अपनी मांगों और आरक्षण विसंगति से जुड़े मुद्दों को विस्तार से रखेंगे। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल आंदोलन की आगे की दिशा को लेकर निर्णय करेगा।
अभ्यर्थियों के अनुसार, आरक्षण विसंगति के मुद्दे को लेकर उनका अनवरत धरना एक सितंबर से ईको गार्डन में जारी है। उनका कहना है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से अभ्यर्थी लगातार धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। सोमवार को भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने राजधानी पहुंचकर प्रदर्शन में भाग लिया। आंदोलनकारियों का कहना है कि इतने लंबे समय से धरना चलने के बावजूद उनका मुद्दा पूरी तरह हल नहीं हुआ है। इसी वजह से उन्होंने अब सरकार के जिम्मेदार लोगों तक अपनी बात सीधे पहुंचाने के लिए शिक्षा मंत्री के आवास पर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित वार्ता में उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान तेज धूप के बीच आजमगढ़ से आए अभ्यर्थी सच्चिदानंद की तबीयत अचानक बिगड़ गई। वह शिक्षा मंत्री के आवास के गेट के सामने अचेत होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल स्थिति संभाली। एसएचओ विपिन सिंह ने अभ्यर्थी को भीड़ से बाहर छांव में ले जाकर प्राथमिक स्तर पर मदद की। बताया गया कि पुलिस अधिकारी ने अभ्यर्थी का मुंह धुलवाया, जूते उतारे और उसे बिस्किट व पानी दिया। इसके बाद एहतियात के तौर पर पुलिस की गाड़ी से उसे सिविल अस्पताल भेजा गया। इस दौरान पुलिस की ओर से दिखाई गई मानवीय संवेदना की भी चर्चा रही। प्रदर्शन के बीच पुलिसकर्मी द्वारा बीमार अभ्यर्थी की मदद किए जाने को वहां मौजूद लोगों ने ‘खाकी में इंसान’ के रूप में देखा।
आरक्षण विसंगति का मुद्दा लंबे समय से 68500 शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों के बीच चर्चा का विषय रहा है। आंदोलन कर रहे अभ्यर्थी लगातार मांग कर रहे हैं कि उनके मामले का समाधान संबंधित आयोग के आदेश और आरक्षण के प्रावधानों के अनुरूप किया जाए। सोमवार के प्रदर्शन के बाद मंगलवार को प्रस्तावित वार्ता को लेकर अभ्यर्थियों में उम्मीद जगी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वार्ता केवल आश्वासन तक सीमित न रहे, बल्कि उनके मामले में ठोस निर्णय की दिशा में आगे बढ़े। वे आयोग के आदेश के अनुपालन के साथ आरक्षण विसंगति के लिए जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग भी कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें प्रस्तावित वार्ता पर टिकी हैं।
सोमवार के प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थियों ने भाग लिया। आंदोलन में आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी, अखिल कुमार, रंजना जायसवाल, दीपक पटेल, इशिता पाल, अजय मावी, उमेश गुप्ता, तारिक, राम प्रवेश, विनोद प्रजापति, शिव शंकर गौड़, अमित पटेल, सच्चिदानंद, संतोष, सुनील, कुशल, जोगेंद्र और अरुण मौर्या समेत अन्य अभ्यर्थी मौजूद रहे।
अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन को लेकर उनका रुख जारी रहेगा। हालांकि मंगलवार को प्रस्तावित वार्ता के बाद आंदोलन की अगली रणनीति तय किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में शिक्षा मंत्री और अभ्यर्थी प्रतिनिधिमंडल के बीच होने वाली बातचीत को इस आंदोलन के अगले चरण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Updated on:
05 Oct 2026 01:07 pm
Published on:
05 Oct 2026 01:07 pm
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