
आकाश आनंद। PC: @AnandAkash_BSP "X"
"आप मेरी राजनैतिक गुरु हैं, मेरी प्रेरणा हैं, और मेरी बुआ मां भी हैं। राजनीति में मैंने जो कुछ सीखा, वो आपसे ही सीखा; जो कुछ किया, आपके मार्गदर्शन में ही किया। इसलिए आज अपनी बात सीधे आपके सामने और पूरे बहुजन समाज के सामने रखना चाहता हूं। पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया पर मेरे बारे में कई तरह की खबरें और अफवाहें चल रही हैं। मैं पूरी तरह साफ कर देना चाहता हूं कि मैं किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहा-न आज, न कभी। BSP मेरे लिए सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं, मेरा परिवार है।" आकाश आनंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पार्टी प्रमुख मायावती को संबोधित एक पोस्ट में ये बातें कहीं।
पिछले दिनों पार्टी से निष्कासित पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ के मामले पर अपना रुख साफ करते हुए आकाश आनंद ने मायावती के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकालने और उनके राजनीतिक संन्यास का निर्णय पूरी तरह उचित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रिश्ते अपनी जगह होते हैं, लेकिन बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर और मान्यवर कांशीराम का मिशन रिश्तों से कहीं अधिक बड़ा है। व्यक्तिगत या पारिवारिक हितों से ऊपर उठकर पार्टी और बहुजन आंदोलन के हित में खड़े रहना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है।
अशोक सिद्धार्थ के निष्कासन के समय सोशल मीडिया पर अपनी निष्क्रियता और मायावती के पोस्ट को रीपोस्ट न करने पर सफाई देते हुए आकाश आनंद ने कहा कि उस दौरान वे सोशल मीडिया से दूर थे। उनकी इस चुप्पी को गलत समझा गया, जिससे मीडिया में तरह-तरह की अफवाहों ने जन्म लिया। उन्होंने कहा कि यदि इस अनजाने घटनाक्रम से पार्टी सुप्रीमो को कोई ठेस पहुंची है, तो वे इसके लिए सहृदय क्षमाप्रार्थी हैं।
उन्होंने मायावती के नेतृत्व में फिर से पार्टी और मिशन की सेवा का अवसर मांगा। पोस्ट में लिखा है कि विश्वास शब्दों से नहीं, काम से बनता है और वे इसे अपने आचरण और मेहनत से साबित करेंगे। पोस्ट का समापन उन्होंने बाबा साहेब का मिशन, मान्यवर साहेब का रास्ता, आपका नेतृत्व और जय भीम, जय बसपा के नारे के साथ किया।
Updated on:
02 Oct 2026 01:47 pm
Published on:
02 Oct 2026 12:54 pm
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