
अखिलेश यादव बोले- किसानों की खुशहाली जरूरी (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हरियाली को केवल समृद्धि का प्रतीक मानने के बजाय ऐसी व्यवस्था बनाने की जरूरत है, जिसमें समृद्धि की हरियाली किसान के खेत से लेकर हर घर, द्वार और आंगन तक दिखाई दे। उन्होंने कहा कि यह तभी संभव है जब किसान और ग्रामीण समाज को उसकी मेहनत का सम्मान मिलने के साथ-साथ उसकी उपज का उचित मूल्य भी मिले।
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए किसानों ने उनके सामने अपनी समस्याओं और चुनौतियों का विस्तृत ब्यौरा रखा। उनके मुताबिक किसानों ने खेती की बढ़ती लागत, फसल के उचित दाम, ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिक स्थिति और किसानों के सामने मौजूद अन्य परेशानियों को लेकर अपनी बात रखी। सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि प्रदेश में किसान वर्ग लगातार कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहा है और उसकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान केवल कृषि व्यवस्था का हिस्सा नहीं है, बल्कि प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है। किसान की आय और खेती की स्थिति का सीधा असर गांवों की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। जब किसान की आमदनी बेहतर होती है तो गांवों में बाजार, छोटे कारोबार, रोजगार और स्थानीय मांग भी मजबूत होती है। इसके विपरीत खेती घाटे में जाने पर इसका असर पूरे ग्रामीण आर्थिक ढांचे पर पड़ता है।
किसानों से संवाद के दौरान अखिलेश यादव ने अपने राजनीतिक अभियान से जुड़े ‘पीडीए’ के नारे को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि “जो पीड़ित, वो पीडीए।” सपा अध्यक्ष के मुताबिक समाज के जिन वर्गों को समस्याओं और वंचना का सामना करना पड़ रहा है, उनकी आवाज को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रमुखता मिलनी चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों के बीच उनकी पार्टी के प्रति समर्थन लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि किसान और ग्रामीण समाज आगामी राजनीतिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हालांकि, किसानों के समर्थन से जुड़े इन दावों को समाजवादी पार्टी के राजनीतिक दावे के रूप में देखा जाना चाहिए।
किसानों की समस्याओं के संदर्भ में सबसे प्रमुख मुद्दों में खेती की लागत और फसल के मूल्य का सवाल रहा है। बीज, खाद, सिंचाई, कृषि उपकरण, डीजल और मजदूरी जैसी लागत में होने वाले बदलाव का सीधा असर किसान की आय पर पड़ता है। ऐसे में किसान संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से समय-समय पर फसलों के लाभकारी मूल्य और किसानों की आय से जुड़े सवाल उठाए जाते रहे हैं।अखिलेश यादव ने इसी संदर्भ में किसान की मेहनत के बदले उचित मूल्य सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना है कि किसान को केवल उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी उपज का बाजार मूल्य और उसकी आर्थिक सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है।
सपा अध्यक्ष ने किसान और ग्रामीण समाज के मुद्दे को व्यापक ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए कहा कि खेत की स्थिति का प्रभाव पूरे गांव पर पड़ता है। किसान की आर्थिक स्थिति मजबूत होने पर स्थानीय बाजारों में खरीदारी बढ़ती है और गांवों में छोटे दुकानदारों, कारीगरों तथा अन्य कारोबारों को भी इसका लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गांवों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कृषि को मजबूत आधार बनाना जरूरी है। किसानों की आय में स्थिरता आने से ग्रामीण परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और अन्य आवश्यकताओं पर खर्च करने की बेहतर क्षमता मिल सकती है।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में हरियाली को विकास और समृद्धि से जोड़ते हुए कहा कि खेतों की हरियाली तभी सार्थक होगी, जब उसका लाभ किसान परिवारों के जीवन में भी दिखाई दे। उनका कहना था कि खेतों में फसल लहलहाने के साथ-साथ किसान के घर में भी आर्थिक खुशहाली होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि को लेकर नीतियां बनाते समय किसान की वास्तविक परिस्थितियों और उसकी समस्याओं को समझना जरूरी है। किसानों की बात सीधे सुनने और उनके सुझावों को नीति निर्माण से जोड़ने पर उन्होंने जोर दिया।
अपने संबोधन के अंत में अखिलेश यादव ने कहा कि किसान की खुशहाली को देश की खुशहाली से अलग करके नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा, “जब खेत मुस्कुराएगा, तब देश मुस्कुराएगा।” उनके मुताबिक किसानों की समस्याओं का समाधान केवल कृषि क्षेत्र तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और व्यापक विकास से जुड़ा प्रश्न है।
अखिलेश यादव ने किसानों के बीच अपनी पार्टी के राजनीतिक संदेश को दोहराते हुए कहा कि किसानों का समर्थन पीडीए को गांव और बूथ स्तर तक मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने किसानों की समस्याओं को आगे भी प्रमुखता से उठाने की बात कही।
Updated on:
01 Oct 2026 11:10 am
Published on:
01 Oct 2026 11:04 am
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