
अखिलेश यादव फोटो सोर्स @samajwadiparty Facebook
Nursing Recruitment Scam:उत्तर प्रदेश में नर्सिंग भर्ती को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने भर्ती में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि जांच हुई तो मामला दूर तलक जाएगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार आने के बाद नर्सिंग भर्ती में यह पहला संदिग्ध मामला नहीं है। अखिलेश ने लोहिया संस्थान, पीजीआई, सैफई मेडिकल और अब केजीएमयू नर्सिंग व पैरामेडिकल टेक्निकल स्टाफ भर्ती का जिक्र करते हुए जांच एजेंसियों से इस पूरे मामले की जांच करने की मांग की।
अखिलेश यादव ने एक्स पोस्ट में कहा कि ध्यान से देखा जाए तो भाजपा सरकार आने के बाद, नर्सिंग भर्ती में ये कोई पहला संदिग्ध मामला नहीं है। इसके पहले भी 500 क्या 700 तक, उन कोचिंग संस्थानों के अभ्यर्थियों को नौकरी मिली है जिनके अवैध तार अंडरग्राउंड-अनरजिस्टर्ड लोगों से सीधे जुड़े हैं।
ये घपलेबाज संगी-साथियों के आपसी लेन-देन का पुराना खुफिया रिश्ता है, जिसका पैटर्न एक जैसा है। भाजपा सरकार आने के बाद चाहे लोहिया इंस्टीट्यूट हो, पीजीआई, सैफई मेडिकल और अब केजीएमयू नर्सिंग व पैरामेडिकल टेक्नीकल स्टाफ़ का भर्ती घपला, इस पैटर्न के पीछे ‘संगी-साथियों’ की आपराधिक संलिप्तता है।
अखिलेश यादव ने कहा कि देखते हैं जांच एजेंसियां इस पहलू को उजागर करती हैं या दूध का दूध, पानी का पानी करनेवालों के झूठे वादे-दावे की तरह, यहां भी आपस में हिसाब-किताब करके और दोषियों को क्लीन चिट देकर पतली गली से ये गुनगुनाते हुए निकल लेती हैं कि तेरा-मेरा साथ अमर, फिर मुझको काहे का डर। भाजपा चिकित्सा के क्षेत्र में अपने अयोग्य लोगों को पिछले दरवाजे से लाकर लोगों के जीवन से बेहद खतरनाक खिलवाड़ कर रही है। भाजपा और उनके संगी-साथियों के बेइंतहा लालच का अंतरिक्ष जितना असीमित खुला मुंह देखकर तो सुरसा भी शर्म के मारे अपना मुख बंद कर लेती है।
लखनऊ के केजीएमयू में साल 2023 में 1276 नर्सिंग ऑफिसर पदों पर भर्ती हुई थी। इस भर्ती में जयपुर की एक ही कोचिंग से 500 से ज्यादा अभ्यर्थियों के चयन की बात सामने आने के बाद सवाल उठे। इसी को लेकर भर्ती प्रक्रिया की जांच शुरू की गई है। भर्ती को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आई थीं। इनमें परीक्षा के तरीके में बदलाव और भर्ती प्रक्रिया में नियमों के पालन को लेकर सवाल उठाए गए थे। शुरुआती जांच में इन शिकायतों और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है।
जांच एजेंसी भर्ती के विज्ञापन से लेकर आवेदन, परीक्षा, चयन और नियुक्ति तक की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल कर रही है। इसके साथ ही इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांची जा रही है। जरूरत पड़ने पर जांच का दायरा आगे बढ़ाया जा सकता है।
जांच में जयपुर की उस कोचिंग से जुड़े पहलू को भी देखा जा रहा है, जहां से 500 से ज्यादा अभ्यर्थियों के चयन की बात सामने आई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इतनी बड़ी संख्या में एक ही कोचिंग के अभ्यर्थियों का चयन कैसे हुआ और इसके पीछे कोई कनेक्शन था या नहीं। भर्ती प्रक्रिया में परीक्षा के तरीके को लेकर भी सवाल हैं। भर्ती के विज्ञापन में कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी CBT का जिक्र था, लेकिन बाद में परीक्षा ऑफलाइन यानी OMR के जरिए कराई गई। एसटीएफ इस बदलाव और इससे जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
Updated on:
08 Oct 2026 10:53 am
Published on:
08 Oct 2026 10:16 am
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