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हॉस्पिटल के कर्मचारी बोले- पैसा दो, कैंसर मरीज को तब जाने देंगे, डिप्टी CM का आ गया फोन और फिर…

लखनऊ के मड़ियांव क्षेत्र में एक निजी अस्पताल ने कैंसर मरीज को बंधक बना लिया। पीड़ित मरीज बिल जमा नहीं किया था ऐसा अस्पताल का आरोप। डिप्टी सीएम ने लिया संज्ञान
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लखनऊ

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Ritesh Singh

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Updated: 23 Feb 2023, 10:10 AM IST

   डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से की शिकायत

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से की शिकायत

मड़ियांव विंध्याचल मंदिर मार्ग स्थित निजी अस्पताल में बिल भुगतान न करने पर कैंसर मरीज को बंधक बना लिया गया। इसका इलाज न मिलने से मरीज की हालत बिगड़ गई। इधर, परिवारीजन मरीज को सरकारी अस्पताल ले जाना चाहते हैं। बिना बकाया बिल भुगतान के मरीज को छोड़ने से अस्पताल प्रशासन ने मना कर दिया तो परिजनों ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के कार्यालय में फोन पर शिकायत दर्ज कराई। डिप्टी सीएम ने सीएमओ कार्यालय को मामले की जांच के आदेश दिए।

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निजी अस्पताल ने दिया था झांसा

सीतापुर मिश्रिख निवासी श्यामू (55) जबड़े के कैंसर है। अस्पताल के एक दलाल ने मरीज को बेहतर व सस्ता इलाज मुहैया कराने का झांसा दिया। दलाल ने मरीज को मड़ियांव के निजी अस्पताल लेकर आ गए। बीती 15 फरवरी को मरीज अस्पताल में भर्ती किया गया। जांच के बाद डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी। दूसरे दिन मरीज के मुंह का ऑपरेशन कर दिया।

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4 लाख का बिल थमाया

बेटे का आरोप है दो बार जबड़े का ऑपरेशन किया गया। इससे मरीज की हालत में सुधार की बजाए बिगड़ गई। जबड़े से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। बेटे का आरोप है कि इलाज खातिर करीब चार लाख रुपए वसूल लिए। इसके बाद दो लाख 80 हजार रुपए का बिल थमा दिया। बेटे का आरोप है अस्पताल के डॉक्टरों ने गलत ऑपरेशन किया।

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डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से की शिकायत

परिवारीजनों ने मरीज को डिस्चार्ज करने के लिए कहा। डॉक्टरों ने दो लाख 80 हजार का बिल थमा दिया। बिल देख परिवारीजन घबरा गए। उन्होंने फिलहाल पैसे न होने की बात कही। मरीज को छोड़ने की फरियाद की। अस्पताल प्रशासन ने बिन बकाया जमा कराए मरीज को छोड़ने से मना कर दिया। पीड़ित परिवारीजनों ने मामले की शिकायत डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से की। डिप्टी सीएम कार्यालय से सीएमओ को फोन आया। सीएमओ कार्यालय के अधिकारियों ने मरीज को छुड़ाया।

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